बबुआ नारायण मिश्र विवाह मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार है। धर्मशास्त्रों में इसके आठ प्रकार बताये गये हैं-ब्रह्म, दैव, आर्ष, प्राजापत्य, आसुर, गांधर्व, राक्षस तथा पैशाच। इनमें से प्रथम चार को प्रशस्त तथा शेष चार को अप्रशस्त की कोटि में रखा गया है। आजकल भारतीय समाज में गांधर्व विवाह की विशेष चर्चा है। गांधर्व […]
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सितारे-हिन्द की हिन्दी, भाग-1
डॉ0 इन्द्रा देवी वाणी का वरदान प्राप्त होने पर मनुश्य ने पशुता से अपनी भिन्नता स्थापित कर ली। भाषा से मानवता के विकास की कुंजी उसके हाथ में आ गई। यद्यपि इससे पूर्व इंगित और चित्रादि को वह अभिव्यक्ति के लिए काम में लाता रहा है। मुद्रण यंत्र के आविष्कार से अनेक विषयों की पुस्तकें […]