दुध मे मलाई का , जाड़े मे रिजाई का बड़ा ही महत्व हैघर मे लुगाई का , प्यार मे बेवफाई का बड़ा ही महत्व है !!घर मे मेहमान का , मंदिर मे भगवान का बड़ा ही महत्व हैअस्पताल मे डॉक्टर का , स्कूल मे मास्टर का बड़ा ही महत्व है !!चोरी मे चोर का , […]
Category: कविता
काश्मीर की बातों पे जो मुँह को ताकने लगते हैं,भारत माँ के जयकारे पे बगल झाँकने लगते हैं,कैसे उनसे त्याग समर्पण वाली बातें कर लें हम,वन्देमातरम कहने पर जो होंठ कांपने लगते हैं, जिनको अमृत का भी ढंग से पान नहीं करना आया,जिनको अपनी मात्रभूमि का गान नहीं करना आया,उनके मुख से राष्ट्र्वंदना का कैसे […]
हमेशा दर्द ही लाते हैं अब तो द्वार के कागज,नहीं खुशियाँ दिखाते हैं हमें संचार के कागज,पढूँ हिंदी या अँग्रेजी में मैं किस्सा किसानों का,भरे हैं मौत की खबरों से सब अखबार के कागज, जो सावन की बौछारों से अपना घरबार बचाता है,जो शीतलहर की रातों में जा खेतों में सो जाता है,उसके घर के […]
सारे जहाँ के रिश्तों से भी प्यारी है बेटी,दो दो घरों की होती जिम्मेदारी है बेटी,सौभाग्य से खिलते हैं ऐसे पुष्प बाग़ में,आँगने से बगिया की फुलवारी है बेटी, वो जिन्दगी में खुशियाँ कभी पाते नहीं हैं,आरामो-चैन उनके पास आते नहीं हैं,जो बेटियों को रखते नहीं प्यार से यहाँ,भगवान भोग उनके हाँथ खाते नहीं हैं, […]
– अविनाश वाचस्पति पहल खुद पहलकारक हो तो अच्छा लगता है पर पहेली का न बने न पैदा हो पहले से पहल ही रहता है पहल का हल सदा विचारों की फसल उपजाता है शून्य से खुद को भीतर तक जलाया है झुलसाया है सच बतलाऊं भीतर तक तपाया है पहल पर्याय का हो कविता, […]
(कविता) अविनाश वाचस्पति नाउम्मीदी में खुशियों की ईद है जो कल गई है वापिस वो दीवाली है मन में मिलने की हरियाली है सबसे प्यारे हैं इंतजार के क्षण जल्दी भंग नहीं होते, भंगर नहीं होते इंतजार में होता है सुकून जब होता है सुकून तब और कुछ नहीं होता न होती है चिंता नहीं […]
श्रद्घा और विश्वास जगे जबओ३म् ध्यान में चित्त लगे तबओ३म् ध्यान का लाभ समाधिहों सब दूर दुरिन्त अरू व्याधि ।। 67 ।। निर्मल करके मन का दर्पणओ३म् पिता को करो समर्पणवो प्रभु अनुकंपा का भागीओ३म् नाम का जो अनुरागी ।। 68 ।। ओ३म् रसों में सर्वोत्तम रसपान करने इसका तज आलसओ३म् सुधा रस पान करें […]
बीती जाये रे उमरिया भजन बिना, अरे…..भजन बिना, हरि भजन बिना…… बीती जाए रे उमरिया………. मात पिता से मिला जन्म हमें करने लगे खिलारी, परिजन सब खुश होते थे, मारै थे किलकारी, लुटी बचपन की वो बगिया…………….1 आगे बढ़े तो मिल गया यौवन छा गयी पूरी मस्ती, अपनी मस्ती के आगे नही समझी कोई […]
सपनों की दुनिया भी अजीब, सपने, सपने ही होते हैं।वास्तविकता से अलग हें, दुनिया की सैर कराते हैं।। जहां बंधन से, निर्बाध बने, हम स्वच्छंद विचरण करते हैं।जो बातें यहां असंभव हैं, सपने में सच हो जाती हैं।। कुछ सपने सच भी होते हैं, ऐसा विश्लेषक कहते हैं।नींद खुली, सब छूट गया, ये सपने रूला […]
आओ हम सब पढ़े-पढ़ावें, प्रभु की वाणी वेद है।जिससे कट जाते हर संकट, मिट जाते उर भेद हैं॥ 1.वेद प्रभु की सच्ची पूँजी, वेद आन और बान है।वेद प्रभु की ज्ञान की कुंजी, वेद प्रभु की शान है।पढ़े-पढ़ायें, सुने-सुनायें, चले ढलें श्रुति वेद हैं॥जिससे कट जाते……… 2.वेद ही हर मानव को जग में,मानवता सिखलाते हैं।ॠषि-मुनि […]