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भारतीय संस्कृति

उपनिषद् ब्रह्मविद्या के मूलाधार हैं

उपनिषद रहस्य उपनिषद् ब्रह्मविद्या के मूलाधार हैं। प्रस्तुत संस्करण में 11 उपनिषदों को संकलित किया गया है – 1) ईशोपनिषद् – यह ब्रह्मविद्या का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। इसमें ईश्वर की सर्वव्यापक, भोक्ता का सृष्टि की वस्तुओं पर केवल प्रयोगाधिकार, किसी के धन या स्वत्व नहीं लेना, सभी कर्म कर्तव्य कर्म समझ कर करना और […]

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पर्यावरण

“*कौवों का समाजशास्त्र*”

लेखक आर्य सागर खारी लोक ने कौवे के साथ सामाजिक प्राणिगत न्याय नहीं किया । काले रंग के तो बहुत से अन्य जीव जंतु है लेकिन जब किसी इंसान के रंग की निकृष्ट भाव में उपमा दी जाती है तो उसे कौवा जैसा काला बताया जाता है मानो कौवा ही एकमात्र काला पक्षी है, काला […]

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इतिहास के पन्नों से

राजाओं की संतानें पिछड़ी और दलित कैसे हो गईं ?

300 वर्ष तक भारत के बड़े भूभाग पर राज करने वाले होलकर की जाति से आने वाले धनगर और सिंधिया के कुनबे वाले आज पिछड़े हैं। वहीं उन महाराजा विक्रमादित्य हेमराज तेली के वंशज आज पिछड़े हैं जिन्होंने अखंड भारत पर राज किया..! वह मौर्य साम्राज्य आज पिछड़ा/दलित है, जिनके वंशजों ने पीढ़ियों तक बंगाल […]

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इतिहास के पन्नों से

विभाजन की भेंट चढ़े थे लाखों हिंदू

~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल 15 अगस्त सन् 1947 को भारत की स्वाधीनता के साथ ही बंटवारे के चलते जो विभीषिका झेलनी पड़ी ‌, उसकी अन्तहीन त्रासदी ने समूची मानवता को दहला कर रख दिया था। अक्सर अतीत के उन स्याह अंधकारमय-वीभत्स और क्रूरतम दौर के सामान्यीकरण ( नार्मलाइजेशन) का दौर चलता है। यदि पूर्व के क्रूर […]

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प्रमुख समाचार/संपादकीय

सक्षमता और समानता का महिलाओं का संवैधानिक अधिकार

महिला समानता दिवस-26 अगस्त, 2024  ललित गर्ग  दुनिया भर में, महिलाओं को सशक्त बनाने, शिक्षा से लेकर राजनीति और आर्थिक भागीदारी तक विभिन्न क्षेत्रों में लैंगिक असमानताओं को दूर करने के प्रयासों को तीव्र गति देने के लिये महिला समानता दिवस 26 अगस्त को मनाया जाता है। सन 1920 में इस दिन संयुक्त […]

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विविधा

बाल विवाह की बुराई से मुक्त नहीं हुआ है गांव

जगत सिंह अजमेर, राजस्थान हमारे देश में सामाजिक स्तर पर कुछ बुराईयां और कुरुतियां ऐसी हैं जिसने गहराई से समाज में अपनी जड़ें जमा रखी हैं. यह न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य में भी विकास की प्रक्रियाओं को भी प्रभावित करता है. इनमें सबसे प्रमुख बाल विवाह है. आज भी देश के कई ऐसे राज्य […]

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आज का चिंतन

ओ३म् “आत्मा का जन्म, मृत्यु एवं पुनर्जन्म का सिद्धान्त सत्य सिद्धान्त है”

=========== मनुष्य एक चेतन प्राणी है। चेतन प्राणी होने से प्रत्येक मनुष्य व इतर प्राणियों के शरीर में एक जैसी आत्मा का वास होता है। यह आत्मा अनादि, नित्य, अविनाशी, अजर व अमर सत्ता है। इसका आकार अत्यन्त सूक्ष्म एवं आंखों से न देखे जा सकने योग्य होता है। आत्मा से भी सूक्ष्म परमात्मा वा […]

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इतिहास के पन्नों से

संपूर्ण भूमंडल के नायक थे श्री कृष्ण

यूनान देश के यवन लोगों का हिरैक्लीज’ नाम का एक देवता रहा है। जिसकी वह लंबे समय से पूजा करते रहे हैं । कौन था यह हिरैक्लीज ? यदि इस पर विचार किया जाए तो पता चलता है कि इस नाम का देवता विश्व के सबसे अधिक बलशाली व ज्ञान सम्पन्न श्रीकृष्ण जी ही थे। […]

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आज का चिंतन

मुक्ति की अवधि कितनी होती है?

मुक्ति की अवधि बाद में गणना करेंगे पहले युगों की गणना कर लेते हैं और युगों की आयु विचार में लेते हैं। हम सभी जानते हैं कि युग चार होते हैं। सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलयुग । सतयुग में 17 लाख 28 हजार वर्ष होते हैं। त्रेता युग में 12 लाख 96000 वर्ष होते हैं। द्वापर […]

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राजनीति

कर्नाटक : सिद्धारमैया के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष खरगे परिवार जमीन घोटाले के घेरे में,

क्या लौटाएंगे आवंटित भूमि? क्या कांग्रेस भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गयी है? कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का परिवार जमीन घोटाले के घेरे में आ गया है। मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA- मुडा) जमीन घोटाला मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर शिकंजा कसना शुरू ही हुआ था कि […]

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