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भारतीय संस्कृति

ऋषि मनु , मनुस्मृति और नारी जाति

डॉ विवेक आर्य भारतीय समाज में एक नया प्रचलन देखने को मिल रहा है। इस प्रचलन को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया में अपने आपको बहुत बड़े बुद्धिजीवी के रूप में दर्शाते है। सत्य यह है कि वे होते है कॉपी पेस्टिया शूरवीर। अब एक ऐसी ही शूरवीर ने कल लिख दिया मनु ने नारी […]

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इतिहास के पन्नों से

पटियाला में आर्यों की दूसरी अग्नि परीक्षा

आर्य समाज के इतिहास में १९०९ के पटियाला अभियोग की अपनी ही महता हैं। आर्यों के तप, बलिदान और त्याग की परीक्षा पटियाला अभियोग के समय हुई थी जिसमें सोने के समान आचरण वाले आर्य कुंदन बनकर निकले थे, जिसमे महात्मा मुंशीराम ने अपने विरोधियों के भी दिल जीत लिए थे। पटियाला अभियोग के समान […]

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इतिहास के पन्नों से

श्री कृष्ण जी का वास्तविक स्वरूप

डॉ विवेक आर्य कृष्ण जी को अपमानित करने वाले भजन 1-छलिया का वेश बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया। 2- पत्थर की राधा प्यारी, पत्थर के श्याम बिहारी पत्थर से पत्थर टकराकर पैदा होती चिंगारी। 3- एक दिन वो भोले भण्डारी बन के बृज नारी गोकुल मे आ गए है। इसी तरह के अनेक भजन हैं […]

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इतिहास के पन्नों से

दलित उद्धारक के रूप में वीर सावरकर

(28 मई को सावरकर जयन्ती पर प्रचारित) डॉ विवेक आर्य जीवन भर जिन्होंने अंग्रेजों की यातनाये सही मृत्यु के बाद उनका ऐसा अपमान करने का प्रयास किया गया। उनका विरोध करने वालों में कुछ दलित वर्ग की राजनीती करने वाले नेता भी थे। जिन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वकांशा को पूरा करने के लिए उनका विरोध किया […]

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विविधा

भविष्य बताना पाखंड मात्र है

  ज्योतिष के नाम पर विभिन्न प्रकार के प्रपंच समाज में देखने को मिलते हैं। प्राचीन काल में गणित ज्योतिष (Astronomy) का प्रचार था जिसका सम्बन्ध विभिन्न ग्रहों के परिभ्रमण, मौसम आदि में परिवर्तन, सूर्य-चन्द्रमा आदि के उदय-अस्त से सम्बंधित था। यह पूर्ण रूप से वैज्ञानिक एवं युक्तिसंगत था। कालांतर में फलित ज्योतिष प्रसिद्ध हो […]

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इतिहास के पन्नों से

आर्य हिंदू राजाओं का चारित्रिक आदर्श

भारत देश की महान वैदिक सभ्यता में नारी को पूजनीय होने के साथ साथ “माता” के पवित्र उद्बोधन से संबोधित किया गया हैं। मुस्लिम काल में भी आर्य हिन्दू राजाओं द्वारा प्रत्येक नारी को उसी प्रकार से सम्मान दिया जाता था जैसे कोई भी व्यक्ति अपनी माँ का सम्मान करता हैं। यह गौरव और मर्यादा […]

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इतिहास के पन्नों से

इतिहास का ठुकराया हुआ हीरा : वीर छत्रपति संभाजी महाराज

(14 मई को जन्मदिवस पर विशेष रूप से प्रचारित) डॉ विवेक आर्य वीर शिवाजी के पुत्र वीर शम्भा जी को अयोग्य आदि की संज्ञा देकर बदनाम करते हैं= जबकि सत्य ये है कि अगर वीर शम्भा जी कायर होते तो वे औरंगजेब की दासता स्वीकार कर इस्लाम ग्रहण कर लेते। वह न केवल अपने प्राणों […]

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भयानक राजनीतिक षडयंत्र

ईसाई मिशनरियों का एक कुत्सित तरीका – धर्मांतरण से चंगाई

डॉ विवेक आर्य विश्व इतिहास इस बात का प्रबल प्रमाण हैं की हिन्दू समाज सदा से शांतिप्रिय समाज रहा हैं। एक ओर मुस्लिम समाज ने पहले तलवार के बल पर हिन्दुओं को मुस्लमान बनाने की कोशिश करी थी, अब सूफियो की कब्रों पर हिन्दूओं के सर झुकवाकर, लव जिहाद या ज्यादा बच्चे बनाकर भारत की […]

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इतिहास के पन्नों से

पुराणों के कृष्ण बनाम महाभारत के कृष्ण

दूरदर्शन पर श्री कृष्ण जी पर धारावाहिक आरम्भ हुआ है। रामानंद सागर जी ने श्री कृष्ण पर धारावाहिक बनाने में पुराणों के सन्दर्भों का प्रयोग किया था। पुराणों में श्री कृष्ण के विषय में वर्णित स्वरुप की तुलना हम महाभारत के श्री कृष्ण से करें तो हम दोनों में बहुत भेद पाते हैं। इस लेख […]

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विविधा

महात्मा बुद्ध का मांसाहार को लेकर चिंतन

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रकाशित महात्मा बुद्ध महान समाज सुधारक थे। उस काल में प्रचलित यज्ञ में पशु बलि को देखकर उनका मन विचलित हो गया और उन्होंने उसके विरुद्ध जन आंदोलन कर उस क्रूर प्रथा को रुकवाया। महात्मा बुद्ध जैसे अहिंसा के समर्थक एवं बुद्ध धर्म के विषय में दो बातें उनके आंदोलन […]

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