लेखक आर्य सागर खारी 🖋️ बौद्धों के काल में ही बृहस्पति नाम का एक आचार्य हुआ जिसने पुनर्जन्म परमात्मा को नकारते करते हुए कहा की कोई अगला पिछला जन्म नहीं होता यही एक मात्र जन्म है। इसलिए ‘जब तक जियो सुख से जियो ,ऋण लेकर घी पियो ‘ आचार्य बृहस्पति की यह चारु वाक अर्थात […]
*चार्वाक के वंशज अभी जिंदा हैं*!
