JNU में देशविरोधी नारेबाजी के 4 वीडियो जांच में निकले सही

  • 2016-05-17 06:00:58.0
  • उगता भारत ब्यूरो

JNU

जेएनयू कैंपस में 9 फरवरी को कथित देश विरोधी नारेबाजी के चार वीडियो को जांच में सही पाया गया है

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में 9 फरवरी को कथित देश विरोधी नारेबाजी के चार वीडियो को जांच में सही पाया गया है। गांधीनगर स्थिति फॉरेंसिक लैब ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपी अपनी रिपोर्ट में चारों वीडियो को सही बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो फुटेज से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है।

स्पेशल सेल ने मामले की जांच के दौरान यूनिवर्सिटी का दौरा किया था। इस दौरान पता चला कि कई लोगों ने मोबाइल से घटनाक्रम का वीडियो बनाया था। पुलिस ने वीडियो बनाने वाले लोगों को चिन्हित किया और उनसे वीडियो फुटेज जब्त की। इसके बाद स्पेशल सेल ने चार वीडियो गुजरात के गांधीनगर स्थित सीएफएसएल में जांच के लिए भेजे थे। ये वीडियो मार्च में भेजे गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो से साफ जाहिर होता है कि जेएनयू में उस दिन देश विरोधी नारे लगे थे। बताया जा रहा है कि वीडियो फुटेज यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मियों और छात्रों से मिली थी। वीडियो सही पाए जाने के बाद पुलिस देश विरोधी नारे लगाने वालों को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

एक न्यूज चैनल से ली गई फुटेज को दिल्ली स्थित सीएफएसएल में भेजा गया था। न्यूज चैनल के वीडियो फुटेज की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने हैदराबाद की लैब में सात वीडियो भेजे थे। इनमें से तीन के साथ छेडख़ानी की बात सामने आई थी। 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में कथित देश विरोधी नारों के मामले में जेएनयू की उच्च स्तरीय समिति ने 21 छात्रों को दोषी पाया था।

प्रशासन ने उमर खालिद को एक सेमेस्टर और मुजीब गट्टू को दो सेमेस्टर के लिए निलंबित किया था। अनिर्बान को 15 जुलाई तक सस्पेंड किया गया। 25 जुलाई के बाद उस पर अगले पांच साल तक जेएनयू में कोई कोर्स करने पर पाबंदी लगा दी गई। साथ ही एश्वर्य,रामा नागा,अनंत और गार्गी पर 20-20 हजार का जुर्माना लगाया गया था। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया था।