मेादी सरकार की ऐतिहासिक पहल तीन योजनाएं

  • 2015-06-10 13:09:36.0
  • उगता भारत ब्यूरो

modi jiमृत्युंजय दीक्षित


विगत नौ मई को कोलकाता मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन तीन योजनाओं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंषन योजना को जनता व देष को समर्पित किया था उस समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औश्र वित्तमंत्री अरूण जेटली को भी यह विष्वास नहीं होगा कि यह योजनायें देष में किस कदर लोकप्रिय हो जायेंगी। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री जन- धन योजना के अंतर्गत बिना बैंलेंस के खाता खुलवाने और  बेटी बचाओ बेटी पढाओं योजना के अंतर्गत  सुकल्या समृद्धि योजना तो बहुत अधिक लोकप्रिय हो रही है। आज इन योजनाओं की लोकप्रियता का आलम यह है कि इन योजनाओं के बारे में अल्पआय वर्ग का हो या फिर मध्यम आय वर्ग का या फिर हिंदू हो या फिर मुसलमान या फिर कियी अन्य समुदाय या समाज का हर व्यक्ति इन योजनाओं को लेने के लिए आकर्षित हो रहा है।मुस्लिम परिवारों में भी इन योजनाओें के प्रति खासा आकर्षण देखा जा रहा है। देष के मुस्लिम परिवार जिनके परिवारों मंे दो बेटियां व उससे अधिक भी हैं तो ऐसे लोगों को डाकघरें में योजना का आवेदन के लेने के लिए आतुर होते देखा जा सकता है। आम जनता में गजब का उत्साह देखा जा रहा है।आम समझदार लोग इन योजनाओं के बारे में स्वयं प्रेरित होकर बता रहे हैं व उनको आवेदन फार्म आदि  देकर अन्य लोगों को भी लाभान्वित कर रहे हैं। योजना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए सरकार अब समाचारपत्रों में भी इन आवेदन फार्मों को छपवा रही है। यह योजनायों एक प्रकार से मोदी सरकार व भाजपा के पक्ष मंे एक षांत माहौल भी बना रही हैं। भाजपा के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती हैं।


    यह बात अवष्य है कि सरकार को अभी इन योजनओं की लोकप्रियता को और अधिक बढ़ाने के लिए अभी कुछ और उपाय करने होंगे। वित्तमंत्री को एक सुझाव यह है कि प्रधानमंत्री जन- धन योजना मंे कुछ और लचीलापन लाया जाये। इसमंे अतिंम  धनराषि सीमा 25 हजार निर्धारित है जिसे समाप्त किया जाना चाहिये। इस योजना में जनता को ट्रांजेक्षन की जानकारी नहीं है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा मेें बैंकों में कार्यषालाओं का आयोजन व उसी समय सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाआंे की जानकारी दी जा सकती है।


 यह  बात अलग है कि उत्तर प्रदेष भाजपा ने अपेन प्रदेष कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने व लोगों को आवेदन फार्म देने व भरवाने के लिए षिविर का आयोजन किया। इस षिविर में सैकड़ों लोगों ने आवेदन फार्म  लिया व जानकारी हासिल की साथ ही कई लोगों ने फार्म भी भरे। यहां पर भी लोगों का उत्साह देखने लायक था। यहां पर व बैंकों आदि में लोगों को यह कहते सुना जा रहा है कि इतनी बढि़या योजनायें अभी तक कोई सरकार नहीं ला सकी। यह पीएम मोदी का 56 ईंच का सीना है जो मात्र 12 रूपये में  सुरक्षा बीमा योजना दे रहा है। साथ ही मध्यम व अल्प आय वर्ग के लोगों को इस बात की बेहद खुषी हो रही हे कि यदि उन्हें कुछ हो जाता है तो उसके बाद उनके परिवार के सदस्यों को कुछ न कुछ अवष्य मिलेगा। इन योजनाओं की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो लाख रूपये कवर वाली सुरक्षा बीमा योजना  व प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना केे अब तक लगभग दस करोड़ से कुछ अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं। अटल पेंषन योजना के प्रति भी जनता में आकर्षण हैं लेकिन इसमें अतिंम उम्र सीमा यदि लगभग पचास वर्ष कर दी जाये तो यह भी और अधिक लोकप्रिय हो जायेगाी। वैसे भी अब जनता को यह भी विष्वास हो रहाहै कि अभी मोदी सरकार के पिटारे में से कई और योजनायें साकार रूप ले रही हैं व लेने वाली हैं अतः इन सभी योजनाओं के बल पर कम से कम भविष्य तो अच्छा हो ही जायेगा।


      दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में गैस सब्सिडी योजन के अंतर्गत लोगों के खाते में जहां गैस सब्सिडी की रकम पहंुचने लग गयी है वहीं कुछ सीमा तक गैस की सब्सिडी की बर्बादी व कालाबाजारी पर कुछ सीाम तक रोकथाम भी हुई है। यदि यह गैस सब्सिडी योजना थेाड़ा और अधिक प्रभावी ढंग से लाग की जाये तो गैस के क्षेत्र में व्याप्त हर प्रकार के भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। पीएम मोदी व पेट्रोलियम मंत्री ने दिखा दिया है कि यदि आप में इच्छाषक्ति है तो  किसी भी कठिन योजना को देषहित में उचित तरीके से लागू करके दिखाया जा सकता है। यह बात सही हेै कि गैस सब्सिडी योजन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार लेकर आयी थी लेकिन आज उसको लागू करने का श्रेय तो पीएम मोदी की ही सरकार को जाता है।


  सरकार की अटल पेंषन योजना की कुछ प्रमुख विषेषता भी है। इस योजना से जुड़ने वाले ग्राहक को 60 वर्ष की आयु के बाद उनकी जमा राषि के अनुरूप प्रति माह एक हजार,  तीन हजार व पांच हजार रूपये की पेंषन प्राप्त होगी। सरकार भी इस योजना में षामिल होने वाले उपभोक्ताओं की ओर सेे जमा की जाने वाली राषि का 50 प्रतिषत हिस्सा अथवा  1000 रूपये प्रतिवर्ष उसके खाते में पांच साल तक जमा करायेगी। सरकार यह सुविधा उन्हीं उपभोक्ताआंे को देगी जो 31 दिसम्बर 2015 तक इस राष्ट्रीय पेंषन योजना में षामिल होंगे। इसी प्रकार जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत उपभोक्ता को दो लाख रूपये की वार्षिक बीमा योजना केवल 330 रूपये सालाना देना होगा। यह योजना 18 से 50 वर्ष तक के लोगों के लिए उपलब्ध है जिनके पास अपना बैंक खाता उपलब्ध है।


     मोदी सरकार की यह सभी योजनायें बैकिंग के क्षेत्र में एक नया आकषण पैदा कर रही हैं। अभी तक देष की जनता व साधारण  जनमानस में यह भावना पदा हो रही थी कि  बैंके केवल और केवल अमीरांे के लिए काम करती है। ग्रामीण क्षेत्रों की और भेाली- भाली जनता को यह तक नहीं पता था कि बैंक खाता कैसे खुलवाया जाता है।