खौफ या आतंक के उत्सव से दिल्ली को बचाओ

  • 2015-06-02 09:36:41.0
  • उगता भारत ब्यूरो

flag copyनई दिल्ली जून 2. 2015 मुस्लिम त्योहारों ख़ास कर शब ए बारात के मौके पर मुस्लिम युवकों द्वारा दिल्ली की कानून व्यवस्था को ताक पर रख कर दिल्ली वासियों का जीना दूभर किए जाने की गत कुछ वर्षों की घटनाओं को देखते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने इस बार एतिहातन कदम उठाए हैं. विहिप दिल्ली के महा मंत्री श्री राम कृष्ण श्रीवास्तव ने आज एक बैठक के बाद कहा कि एक और जहां हम दिल्ली के उपराज्यपाल श्री नजीब जंग जी की उस अपील की सराहना करते हैं जिसमें उन्होंने अतिवाद की इन घटनाओं को सख्ती से लेते हुए सभी दिल्ली वासियों, ख़ास कर मुस्लिम युवकों, उनके अभिभावकों, धार्मिक प्रतिनिधियों व मुस्लिम समुदाय के सभी धर्म गुरुओं से शब ए बरात की रात्रि को हुड़दंग और उपद्रव करने वालों पर अंकुश लगाने की अपील  की गई है. वहीँ हम दिल्ली पुलिस से भी हम उम्मीद करते हैं कि अब वह निडर होकर दिल्ली की सडकों पर नंगा नाच कर राहगीरों की जान-माल और इज्जत से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध शाख्ती से निपटेगी. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस व दिल्ली वासियों की सहायतार्थ विहिप तथा बजरंग दल ने 95556 68080 तथा 87506 00611 नम्बरों से एक हेल्प लाइन भी प्रारम्भ की है जिस पर फोन कर कोई भी व्यक्ति इन उपद्रवियों के विरोद्ध शिकायत कर सकता है.


विहिप दिल्ली के झंडेवालान कार्यालय में आज हुई एक महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी देते हुए विहिप प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने बताया कि यूँ तो किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पूर्व दिल्ली पुलिस व स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी होती है और दिल्ली पुलिस सार्वजनिक कार्यक्रमों या शोभायात्राओं पर पूरी सख्ती के साथ नियंत्रण रखती है। किन्तु, गत कुछ वर्षों से देखने में आ रहा था कि यदि यही आयोजन मुस्लिम समुदाय द्वारा किया जाए तो दिल्ली पुलिस अनुमति की बात तो दूर, साथ रहते हुए भी उपद्रवियों के समक्ष नत-मस्तक व असहाय नज़र आती थी। यदि कोई पुलिस अधिकारी गलती से भी इन उपद्रवियों को रोकने का प्रयत्न करता तो पुलिस मुख्यालय, उप-राज्यपाल कार्यालय व केन्द्रीय गृह मंत्रालय से उसे ऐसा न करने की चेतावनी जारी कर दी जाती थी। हालांकि इस प्रकार की अपील कोई नई बात नहीं है. गत वर्षों में भी दिल्ली पुलिस ने मुस्लिम बहुल इलाकों में बैठकें की थीं, मुस्लिम समाज के तथा-कथित बुद्धिजीवियों को समझाया था कि युवाओं को जागरूक करें कि वे सड़कों पर हुड़दंग न मचाएं, कानून व्यवस्था का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें। उर्दू में पर्चे छपवाकर भी लोगों से अपील भी की गई। लेकिन पुलिस विभाग की सारी कोशिशें धरी-की-धरी रह गई। आशा की जानी चाहिए कि माननीय उप राज्यपाल महोदय की इस बार की अपील का इन अतिवादियों पर अवश्य प्रभाव होगा नहीं तो दिल्ली पुलिस अपने प्रभाव का प्रयोग कर जनता को इसके दुष्प्रभावों से बचाएगी. हालांकि इस बार विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी दिल्ली की सडकों पर इस प्रकार के तांडव को रोकने के लिए कृत संकल्पित हैं.