मोदी सरकार- बदलाव का एक साल

  • 2015-05-23 10:32:02.0
  • उगता भारत ब्यूरो

modi teaमृत्युंजय दीक्षित


विगत 16 मई 2014 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बेहद ऐतिहासिक व अभूतपूर्व दिन था जब भारत की जनता जनार्दन ने एकजुट होकर 35 वर्षोें के बाद एक सषक्त नेतृत्व को पूर्ण बहुमत की सत्ता प्रदान कर दी। यह दिन भारत के लिए एक ऐतिहासिक सूर्योदय का दिन था जब नरेंद्र दामोदर मोदी के रूप में भारत को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला जो कि वंषवाद, जातिवाद, मुस्लिम तुष्टीकरण और क्षेत्रवाद की राजनीति से परे था तथा जिसका बचपन काफी गरीबी मेें बीता था।16 मई की दोपहर के बाद वंषवाद की राजनीति करने वाले दलों के नेता पूरी तरह से उदास हो चुके थे। कई नेताओं का राजनैतिक भविष्य अंधकारमय हो गया था उन्हीं तथाकथित नेताओं को अपना भविष्य अभी भी अंधकरामय दिखलाई पड़ रहा है। यही लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीव उनकी सरकार के खिलाफ जनता के बीच जाकर झूठ का प्रचार- प्रसार करके मोदी व उनकी सरकार की लोकप्रियता का गा्रफ नीचे करने की असफल कोषिष कर रहे है। अभी तक जिस प्रकार से मोदी सरकार ने अपना सफर तय किया है उससे साफ पता चल रहा है कि मोदी सरकार एकदम सही चल रही है । जनता मेें आषा की एक नयी किरण जाग उठी है।


देष के राजनैतिक इतिहास मेेें ऐसा पहली बार हो रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी व उनकी सरकार की लोकप्रियता बरकरार है। सभी मीडिया संस्थानों व इलेक्ट्रानिक मीडिया मेें मोदी सरकार के कामकाज पर जोरदार मंथन व बहस चल रही है। मोदी विरोधी सरकार को घेरने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन उन्हंे कहीं सफलता नहीं मिलती दिखलाई पड़ रही है। सबसे खास बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी जितना अपने देष में लोकप्रिय हैं उससे कहीं अधिक विदेषों मेें लोकप्रिय हो रहे है। एक प्रकार से वे विदेषनीति में आधुनिक चाणक्य बनकर उभरे हैं। वे अपने विदेष मंत्री सुषमा स्वाराज व विदेषराज्य मंत्री वी के सिंह का सार्वजनिक रूप से प्रषंसा भी कर चुके हंैे। आज मोदी सरकार हर प्रकार के क्षेत्र में त्वरित गति से निर्णय लेकर देष मेें विदेषी पूंजी निवेष के लिए बेहतर माहौल पैदा कर रही है। आज मोदी सरकार बनने के बाद देष मेें हर क्षेत्र में उत्साह का नवसंचार पैदा हुआ है। अर्थ, वित्त,वाणिज्य, कृषि, विदेष, कानून,रेल, सड़क परिवहन सहित सरकार से सम्बंधित सभी विभागों में बदलाव का नया दौर देखा जा रहा है।


मोदी सरकार ने पहले जन- धन योजना के तहत सभी गरीबों का खाता खुलवाकर वाहवाही लूटी फिर जनसुरक्षा की तीन योजनाएं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,अटल पेंषन योजना और प्रधानमंत्री जीन ज्योति बीमा योजना के साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजनाके अंतर्गत सुकन्या योजना के अन्तर्गत बच्चियों के खाते खुलवाकर सामाजिक सरोकार एक नायाब उदाहरण प्रस्तुत किर दिया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ही कमाल है कि आज उनके द्वारा लायी जा रही सभी योजनायें एक के बाद एक लोकप्रिय हो रही हैं तथा काफी लोग इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बैंको व डाकघरों में पहुॅच रहे हैं। अभी कई और योजनाएं सरकार लाने जा रही है। यह गरीबों के लिए उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही गैस सब्सिडी योजना को कारगर तरीके से लागू किया जा सका है। प्रधानमत्री मोदी ने सभी दलों को चैंकाते हुए एक ऐसा निर्णय लिया है जिसस साफ हो गया है कि यह सरकार बदले की भावना से कोई भी कार्य नहीं करेगी वह है पिछली सरकारों का 35 वर्षो से जो भी काम लम्बित पड़ा है व वह परियोजना किसी न किसी कारण से अधूरी पड़ी हैं पहले उन्हें पूरा किया जायेगा। यही कारण है कि आज आधार काडऱ् बनाने व मनरेंगा का काम चल रहा है। अपितु अब वह और अधिक अच्छे तरीक से चल रहा है।


विपक्ष मोदी सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि अब वह अहंकारी हो गये है यदि प्रधानमंत्री मोदी अहंकारी होते तो वह भूमि अधिग्रहण बिल व जीएसटी को संसद का संयुक्त अधिवेषन बुलाकर पारित करवा लेते। फिर भी उन्होंने विपक्ष की जबर्दस्त मांग को देखते हुए उक्त बिलों को संसद की स्थायी समिति के हवाले किया। यह उनकी कमजोरी नहीं अपितु अभूतपूर्व उदारता का ही परिणाम है। मोदी सरकार बनने के बाद पहली बार संसद का सत्र नियमों के साथ चल रहा है। राजनैतिक आम सहमति के नये वातावरण मेें अब तक लगभग 40 विधेयक पारित करवाने में सरकार सफल हो चुकी है तथा कई विधेयकों के भविष्य में पारित होनंे की उम्मीद जाग उठी है। राष्ट्रीय न्यायिक आयोग सम्बंधी विधेयक और बांग्लादेष से सम्बंधित विधेयक जिस प्रकार से ध्वनिमत से पारित कराया गया वह लोकतंत्र के लिए एक अनुपम मिसाल बन गया है ।
यह प्रधानमंत्री मोदी का सौभाग्य ही है कि वह प्रधानमंत्री बनने के बाद 365 दिन के कार्यकाल में अब तक 52 दिन विदेषों में रह चुके हैं। 17 देषों के दौश्रे कर चुक हैं। वे जहां- जहां वहो वहो उन्हें एक राॅकस्टार की भंाति पेष किया गया है। आस्ट्रेलिया , चीन, जापान सहित कई वैष्विक देषों में उनका स्वागत अभूतपूर्व रहा। कई देषों मेें उनके सवागत को लेकर ऐसा प्रतीत हो रहा थ कि यदि मोदी यहां पर चुनाव लड़ें तो यहां के भी पीएम बन जायेंगे।यह मोदी व उनके विदेष मंत्रियों का ही कमाल था कि युद्धग्रस्त यमन से 4000 भारतीय नागरिकों को सकुुषल निकाला गया यहीं नहीं इस मुहिम में 28 और देषों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला गया। मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत का सिर विष्व में ऊंचा हुआ है। अब हम आंख झुकाकर नहीं आंख से आंख मिलाकर बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व का ही परिणाम है कि आज योग को संयुक्तराष्ट्र संघ में मान्यता मिल चुकी है। हर साल 21 जून को विष्व योग दिवस मनाया जायेगा यह मोदी की पहल का ही परिणाम है । इसके अलावा सरकार कई ऐसे छोटे-छेाटे कदम उठा रही है जिनका अपना अलग महत्व है।


प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता अभियान पर बल दिया है। आदर्ष ग्राम योजना,नमामि गंगे प्रोजेक्ट, डिजिडल इंडिया, स्मार्ट सिटी , हर घर इंटरनेट योजना का भी काम षीघ्र ही प्रारम्भ होने जा रहा है । सरकार में गृह व रक्षा मंत्राजय में पहली बार त्वरित काम करने वाले मंत्री आये हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह अपने विभाग के काम को पूरी तत्परता व लगन के साथ कर रहे हैं । पहली बार किसी गृहमंत्री ने चर्च प्रेरित सेवाकार्यो को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। मनोहर पार्रिकर के नेतृत्व में देष को पहली बार एक छोटे से प्रांत का युवा मंत्री मिला है जो देष की सुरक्षा व्यवस्थ को पूरा करने के लिए तत्परता से निर्णय ले रहा है। हालांकि देष की रक्षा मामलों की स्थायी समिति ने कई सुरक्षा ,खामियां गिनाई हैं जिन्हें पूरा करने के लिए वे प्रयासरत हैं । पहली बार रक्षाक्षेत्र में मेक इन इंडिया पर जोर दिया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में विदेषी निवेष 26 से बढ़ाकर 49 प्रतिषत कर दिया गया है। सीमा पर आतंकी घुसपैठ और पाक सेना की गोलाबारी एक गंभीर समस्या बनी हुई थी लेकिन अब जैसे को तैसा की रणनीति काफी हद तक कारगर हो चुकी है। आज एक साल बाद भी प्रधानमंत्री मोदी का जादू बर करार है। टाइम और इकानामिक टाइम्स जैसी पत्रिकाओं में उन पर लेख प्रकाषित हुये हैं। स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी मोदी की प्रषंसा में लेख लिखा है। फेसबुक व टिवटर पर मोदी प्रषंसकों की संख्या भी एक करोड़ के ऊपर पहुॅच गयी है। आज पीए मोदी देष के एक ऐसे सांसद बन गये हैं जिन्होंने अपनी सांसद निधि समय से पहले पूरी खर्च कर दी है। आज उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी मेें विकास की नयी गंगा बहने का रास्ता साफ हो रहा है।


प्रधानमंत्री मोदी हर माह दो बार मन की बात रेडियो पर करते हैं । उनका यह कार्यक्रम भी बहुत लोकप्रिय हो रहा है। 1984 के बाद पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने नक्सलवादी क्षेत्र दंतेवाड़ा में जनसभा भी और नक्सलियों से हथियार डालने की अपील की। अभी तक पिछली सरकरों के मंत्री वहां जाने से ही घबराते थे। प्रधानमंत्री मोदी का मूलमंत्र हैे कि टीम इंडिया से ही भारत का विकास हो सकेगा जिसका कुछ क्षेत्रीय नेताओं पर असर पड़ता दिखलाई भी पड़ रहा है।
लोकसभा चुनावों के बाद केवल दिल्ली विधानसभा और कु छ उपचुनावों को छोड़कर लगभग राज्यों में भाजपा को सफलता मिल रही है। आज भाजपा के दस करोड़ से अधिक सदस्य बन चुके हैं। यही कारण है मोदी सरकार अब एक साल का जष्न धूमधाम से मनाने जा रही है। यह जष्न जनकल्याण पर्व के नाम से मनाया जायेगा। प्रधानमंत्री मोदी भी कई रैलियों को संबोंधित करेंगे और विपक्ष के हमलों का जवाब देंगे।चुनौतियां व समस्याएं तों हर सरकार में रहती ही हैं लेकिन यह सरकार ऐसी है जिसमें हर समस्या का उचित समाधान करने की क्षमता भी दिखलाइ पड़ रही है।