नकारात्मक पत्रकारिता समाज के लिए घातक- केतकर

  • 2015-05-13 12:59:13.0
  • उगता भारत ब्यूरो
नकारात्मक पत्रकारिता समाज के लिए घातक- केतकर

जयपुर। अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका आर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने कहा कि नकारात्मक पत्रकारिता समाज के लिए घातक है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है, इसके खिलाफ सोशल मीडिया में इसकी प्रतिक्रिया दिखाई देती है। उन्होंने पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि नारद जी के आदर्शों को अपनाते हुए सत्यांवेशी, राष्ट्रवादी और सबके मन में नारद जगाने वाली पत्रकारिता की आवश्यकता है। वे रविवार को विश्व संवाद केन्द्र की ओर से पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित नारद जयंती एवं पत्रकारिता सम्मान समारोह में बोल रहे थे।

केतकर ने कहा कि नारद जी को लेकर गलत अवधारणाएं प्रतिस्थापित की गई है, उन्हें बदलने की आवश्यकता है। नारद सूक्त की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि मतों में विभिन्नता व अनेकता है, यही पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है। किसी भी मत को मानने से पहले स्वयं उसकी अनुभूति करना आवश्यक है। नकारात्मक पत्रकारिता की बढ़ती प्रवृति पर चिंता व्यक्त करते हुए केतकर ने कहा कि इसे सभी विद्वानों ने नकारा है, इसकी भूमिका समाज में विष के समान होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य लोक शिक्षण और सत्य की खोज होना चाहिए। आज पत्रकारिता के माध्यम से सूचनाओं का सही ढंग से प्रचार करते हुए सही बिंदुओं को जोड़ते हुए उनका भाष्य करने की आवश्यकता है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब केसरी के संपादक एवं सांसद अश्विनी कुमार ने कहा कि बॉलिवुड ने नारद के चरित्र को ठीक ढंग से प्रस्तुत नहीं किया। नारद जी ने स्पष्टवादिता की पत्रकारिता की है। वे सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में भ्रमण करते हुए उचित स्थान पर सूचनाएं देते थे। आज की पत्रकारिता पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पहले पत्रकारिता मिशन हुआ करती थी, लेकिन अब यह व्यवसाय बन गई है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निडर, न्यायप्रियता जैसे सिंद्धांत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से उड़ने लगे हैं। उन्होंने पत्रकारिता के लिए अपने परिवार द्वारा दिए गए बलिदानों का भी जिक्र किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं राजस्थान पत्रिका के पूर्व संपादक विजय भंडारी ने कहा कि पत्रकारिता एक पवित्र कार्य है, यह व्यवसाय नहीं है। इसे पूरे मनोयोग से एक मिशन की तरह करना चाहिए। राजस्थानी कहावत दूध भी रहे और दूधिया भी रहे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में मालिक को भी नुकसान नहीं हो और जनता की आवाज भी समाज तक पहुंचे ऐसी पत्रकारिता की आवश्यकता है। पत्रकार को वर्तमान परिस्थितियों में पतली गली से निकलकर अपना काम करना चाहिए।

इस मौके पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकार अरविन्द सिंह शक्तावत (राजस्थान पत्रिका), योगेश शर्मा (दैनिक भास्कर),दिनेश शर्मा (ई टीवी), प्रकाश चौहान (दैनिक नव ज्योति), संतोष शर्मा (फ़ोटो जॉर्नलिस्ट), टीना शर्मा (राजस्थान पत्रिका समूह) और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी में प्रथम स्थान पाने वाली कु. हर्षिता और आईसीजी से बीजेएमसी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. अंकिता सक्सेना को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में विश्व संवाद केन्द्र के सचिव विवेक कुमार ने विश्व संवाद केन्द्र का वार्षिक प्रतिवेदन रखा और अंत में विश्व संवाद केन्द्र के अध्यक्ष प्रताप राव ने आभार प्रकट किया।