संसद में राजस्थान

  • 2015-05-09 04:16:09.0
  • उगता भारत ब्यूरो

parliament.अलवर सांसद ने राजस्थान में जल स्त्रोतों की मरम्मत के लिए 

केन्द्र सरकार से स्वीकृत परियोजनाओं की शेष राशि 3.4 करोड़

रूपये जारी किए जाने पर किया आग्रह 


नई दिल्ली, 08 मई, 2015। अलवर सांसद महंत चांदनाथ योगी ने केन्द्र सरकार से जल संसाधन मंत्रालय द्वारा राजस्थान के लिए पूर्व में जल स्त्रोतों की मरम्मत के लिए स्वीकृत परियोजनाओं की शेष राशि 3.4 करोड़ रूपये शीघ्र दिये जाने का आग्रह किया है।

महंत योगी ने शून्य काल के दौरान संसद में बताया कि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय द्वारा जल स्त्रोतों की मरम्मत के उद्देश्य से राज्यों की सहायता के लिए जल संरचनाओं के रिपेयर, रेस्टोरशन तथा रेनोवेशन योजना की शुरूआत की है। इस योजना के अन्तर्गत ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज, कृषि वानिकी उत्पादन में सुधार, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक गतिविधियां व पेयजल की उपलब्ध वाटर बॉडीज की भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए कार्य किये जाते है।

उन्होंने बताया कि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश 2013 के अनुसार मरू भूमि विकास क्षेत्रा के कार्य बारहवीं पंचवर्षीय योजना में 90 प्रतिशत अनुदान में सम्मिलित कर लिए गये है। वर्ष 2011 में भारत सरकार ने 16 परियोजनाओं के लिए राजस्थान के लिए 11.63 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की है जिनमे से दो किस्ते में  5.2 करोड़ व 2.5 करोड़ रूपये प्रदान किये गये है। जबकि भारत सरकार के हिस्से की 90 प्रतिशत शेष राशि 3.4 करोड़ रूपये आना बाकी है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा अप्रेल, 2014 में भारत सरकार को 12.15 करोड़ रूपये राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजा जा चुका है।



संसद में राजस्थान

देशभर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में होम्योपैथिक चिकित्सकों की 

नियुक्तियों को बढ़ावा दिया जावें

ः- डॉ. मनोज राजोरिया

नई दिल्ली, 08 मई, 2015। करौली-धौलपुर के सांसद डॉ. मनोज राजोरिया ने शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान होम्यापैथिक चिकित्सकों की नियुक्तियों एवं बजट आवंटन का मुद्दा उठाया।

श्री राजोरिया के सवालों का जवाब देते हुए आयुष मंत्रालय मंे राज्यमंत्राी श्री श्रीपाद येस्सो नाईक ने आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द ही देशभर के सभी सी.जी.एच.एस., जिला अस्पतालों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में होम्योपैथिक चिकित्सकों की नियुक्ति का प्रावधान किया जायेगा।श्री नाईक ने बताया कि वर्ष 2014-15 मंे आयुष मंत्रालय द्वारा 1272.15 करोड़ रूपये का बजट आवंटन किया गया है।

पेशे से होम्योपैथिक डाक्टर एवं लोकसभा सांसद डॉ. मनोज राजोरिया ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि देशभर में होम्योपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के सरकारी स्तर पर प्रयासों को गति दी जानी चाहिए। ताकि नागरिकों को सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सके।

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सांसद बोहरा ने गांधीनगर, जगतपुरा व दुर्गापुरा रेलवे स्टेशनों को उपनगरीय रेलवे स्टेशन बनाने की फिर की मांग

नई दिल्ली 08 मई, 2015। सांसद बोहरा ने रेल मंत्रालय की परामर्श दात्री समिति की बैठक में कहा की जयपुर रेलवे स्टेशन शहर के मध्य में स्थित है। जबकि जगतपुरा, गांधीनगर एवं दुर्गापुरा रेलवे स्टेशनों के पास शहर की लगभग 70 प्रतिशत आबादी निवास करती है, जिन्हें रेल से यात्रा करने के लिए मुख्य स्टेशन पर आनेे के लिए समय व धन के साथ साथ यातायात संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पडता है।


सांसद बोहरा ने इसके स्थायी समाधान के लिए गांधीनगर, जगतपुरा एवं दुर्गापुरा रेलवे स्टेशनों को विकसित कर व पार्किंग एवं सब-वे (पारपथ) की सुविधा उपलब्ध कराने व जयपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्मों की संख्या बढाने की मांग रखी।


सांसद बोहरा ने रेलवे परामर्शदात्री समिति की बैठक में जगतपुरा रेलवे स्टेशन पर आलाहजरत एक्सप्रेस (गाडी संख्या 14311 व 14312), उदयपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस (12966 व 12965), जैसलमेर-बाडमेर-दिल्ली इंटरसिटी (14059 व 14060), मरूधर एक्सप्रेस (14863 व 14864) एवं जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस (12403 व 12404) आधी गाडियों के ठहराव एवं जयपुर से सतारा, कराड, सांगली, कोल्हापुर, बैलगांव, हुबली, धावडगिरी (महाराष्ट्र व कर्नाटक), शिरडी एवं माता वैष्णों देवी, कटरा (जम्मू) के लिए सीधी रेलगाडी प्रारंभ करने की मांग रखी।


सांसद बोहरा ने जयपुर से सवाईमाधोपुर व दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाईन का विद्युतीकरण व दोहरीकरण का कार्य शीघ्र पूरा कराने एवं दिल्ली-जयपुर-आगरा (गोल्डन ट्राइंगल) मार्ग पर हाई स्पीड ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

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सांसद महन्त चांदनाथ योगी ने लोकसभा में उठाया ईधन और वायु की 

गुणवत्ता निर्धारित मानको की अनुपालना का मुद्दा 


नई दिल्ली, 08 मई, 2015। अलवर सांसद महन्त चाँदनाथ योगी द्वारा लोकसभा में पूछे गये उच्चतम न्यायलय को सौंपे गए प्रदूषण संबंधि शपथ पत्र और सरकार द्वारा ईधन और वायु की गुणवत्ता निर्धारित मानको के अनुरूप किए गये प्रयास और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कि जा रही कार्यवाही के बारे में प्रश्न का जवाब देते हुए केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (श्री प्रकाश जावडेकर) ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पर्यावरण प्रदूषण (निवारण और नियंत्रण) प्राधिकरण ने अप्रैल 2020 तक पूरे देश में वायु गुणवता सूचकांक, वायु प्रदूषण के अंशदायी कारकों, भारत स्टेज-4 (बीएस-4) से भारत स्टेज-6 (बीएस-6) तक ईधन गुणवता में बडा सुधार करने से संबंधित एम सी मेहता बनाम भारत राय और अन्य के मामले में 1985 की रिट याचिका (सिविल) सं 13029 में वादकालीन आवेदन पत्र स. 345 में दाखिल पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के शपथ पत्र 16 जनवरी, 2015 को अपनी प्रतिक्रिया दाखिल की है। श्रोतों तथा परिवेशी वायु मे इसके इनके योगदान दोनों के संदर्भ में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किए गए श्रोतों सविभाजन अध्ययन के अनुसार वाहनीय प्रदूषण के योगदान के बारे में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त शपथ पत्र दाखिल किया गया था।

ऑटो ईधन नीति, 2003 के अनुसार भारत चरण-4 (बीएस-4) ऑटो ईधन 01 अप्रेल, 2014 को देश के 13 अभिज्ञात मुख्य शहरो में शुरू किए गए थे और 1 अप्रैल 2010 से 22 सितंबर, 2010 के बीच अलग-अलग ढंग से बीएस-3 कार्यान्वित किया गया था। इसके अतिरिक्त, 15.03.2015 तक 50 अतिरिक्त शहरों में बीएस-4 ईधन का विस्तार किया जा चुका है। ऑटों ईधन ध्येय और नीति, 2015 के अनुसार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिनांक 19.01.2015 तक के आदेश द्वारा चरणबद्ध रूप से 1 अप्रेल 2017 तक पूरे देश में बीएस-4 ईधनों की उपलब्धता का निर्णय अधिसूचित किया गया था।

वायु गुणवतों के बारे में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा की गई कार्यवाही में अन्य बातों के साथ-साथ ऑटों ईधन नीति के अनुसार स्वच्छतर ईधनों की आपूर्ति प्रयोगरत वाहनों के लिए नियत्रणधीन प्रदूषण (पीयूसी) प्रमाण-प्रत्र प्रणाली समुन्नत डीजल और गैसोलीन की आपूर्ति तथा बडें शहरों में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) चालित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का संचालन व्यापक जन परिवहन प्रणाली के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए मेट्रो शहरों में मेट्रों रेल आरंभ करना, वायु गुणवता सूचकांक और स्वास्थ्य सलाह शुरू करना, वायु प्रदूषणकारी उद्योगों के लिए सख्त श्रोत विशिष्ट उत्सर्जन मानक निर्धारित करना और उनका अनुपालन करना, ताप विद्युत सयंत्रों में परिष्कृत कोयलें का प्रयोग करना, सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाना, जनरेटरों, सीमेंट संयत्रों आदि के लिए संशोधित उत्सर्जन मानकों का कार्यान्वयन शामिल है।