मुंबई में लोग क्या बनने आते हैं और क्या बन जाते है?

  • 2015-05-04 03:22:44.0
  • उगता भारत ब्यूरो
मुंबई में लोग क्या बनने आते हैं और क्या बन जाते है?

 हिंदी फीचर फिल्म, "लाइफ इन मुंबई"


मुंबई। आज मुंबई में लोग बड़े -बड़े सपने लेकर मुंबई आते है, लेकिन बहुत कम लोगों का सपना पूरा होता है। लोग यहाँ बनने कुछ और आते है और कुछ और बन जाते है। और इस माया नगरी में आने के बाद इस तरह फंस जाते की चाह कर भी यहाँ से नहीं जा पाते है। इसी पर निर्माता धार्मिक बी बोदरा और निर्देशक अरमान ज़ाहिदी एक हिंदी फीचर फिल्म, "लाइफ इन मुंबई" लेकर आ रहे है जोकि ८० प्रतिशत पूरी होगी है और यह फिल्म अगस्त २०१५ में रिलीज़ होगी। फिल्म के सह- निर्माता वी बी ग्रुप है और इस फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोडूसर दिलीप पटेल है, जिन्होने प्रोजेक्ट को डिज़ाइन किया है।


         फिल्म ने निर्माता धार्मिक बी बोदरा इससे पहले रीमिक्स गाने के वीडियो का निर्माण करते थे। बतौर निर्माता उनकी यह पहली फिल्म है। वे कहते है," इसका सब्जेट बहुत अच्छा है और इसमे मसाला फिल्मों के सारे रंग है। इसे लोग जरूर पसंद करेंगे। "


          फिल्म के निर्देशक अरमान ज़ाहिदी इससे पहले विजय आनंद, चन्द्रा बारोट, मेहुल कुमार जैसे दिग्गज निर्देशकों के सहायक निर्देशक रह चुके है और बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म है। निर्देशक अरमान ज़ाहिदी कहते है, "मुंबई की लाइफ और यहाँ आने के बाद लोग क्या बनने आते हैं और क्या बन जाते है? इसीके को दर्शाती है हमारी फिल्म। आज मुंबई की लाइफ इतनी फ़ास्ट है कि किसी को किसी के बारे में सोचने की फुर्सत नहीं और लोग किस तरह लोग अपने सपने यहाँ पर बनते बिगड़ते देखते है। यह फिल्म लोगों के दिल को छू लेगी। "


           फिल्म, "लाइफ इन मुंबई" के आर्ट डायरेक्टर चेतन चुडासमा है। इसमें कैमरावर्क अमरकांत का, संगीत प्रखर शर्मा का, प्रोडक्शन कंट्रोल वजाहत खान 'समी' का,निर्माता धार्मिक बी बोदरा और निर्देशक अरमान ज़ाहिदी का,फिल्म के सह- निर्माता वी बी ग्रुप है और इस फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोडूसर दिलीप पटेल है। इसके मुख्या कलाकार सना खान, हीर खान, रोशी डी' क्कुन्हा, फ़िरदौस खान, अजय शर्मा, सदफ, अली खान, मुस्ताक खान, अनिल धवन, अनंत जोग ,चेतन शेट्टी और शिवा इत्यादि लोग है।