ब्राजील उच्च कोटि की नस्ल के सांड का वीर्य आयात कर रहा है भारत से

  • 2015-04-18 05:41:37.0
  • उगता भारत ब्यूरो

sand uchkoti ka भारत में ही ध्यान नहीं दिया जा रहा भारत में आयात हो रहे विदेशी सांड का वीर्य 


भले जी सुनने में यह अजीब लगे लेकिन सच है कि भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में पाया जाने वाला ओंगोली प्रजाती का सांड ब्राजीलवाशियों के लिए सोने का अंडा बन चुका है। इस सांड के दम पर वहां के लोगों ने करोड़ो का बिजनेस खड़ा लिया है। ब्राजील वाले इस सांड को भारत से आयात कर दूसरें देशों को बेचकर भारती मुनाफा कमा रहे हैं।


बहुत ही उच्च नस्ल मानी जाती है-


सांड की ओंगोली नस्ल बहुत उच्च दर्जे की मानी जाती है। इस प्रजाति के सांड का वजन 250 किलोग्राम तक होता है। इस सांड पर भारत में भले ही ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया हो, लेकिन ब्राजील में लोगों ने इस पर आधारित अच्छा-खासा बिजनेस खड़ा कर लिया है।


80 लीटर दूध देती है इस नस्ल की गाय-


ओंगोली नस्ल के सांड से पैदा हुई गायें प्रतिदिन 80 लीटर तक दूध देती है। वहीं इस साल की नस्ल स्थानीय स्तर पर पैदा किए गए नए सांडो को बीफ के लिए पाला जाता है। इस नस्ल के सांडो की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही मांग है।


भारत से एक्सपोर्ट-


ओंगोली सांड की ब्राजील में जबरदस्त मांग रही है, वहां पर भारत से इस सांड को इंपोर्ट किया जाता रहा है। एक्सपोर्ट होने वाले एक सांड की कीमत लगभग 4 लाख रूपए तक होती थी। लेकिन अब गायों और सांडों के निर्यात पर रोक लग चुकी है तो उन्होंने दूसरा तरीका निकाल लिया। ब्राजील वाले आंध्र प्रदेश से इस सांड का सीमेन आयात बड़ी मात्रा में आयात करते हैं। इससे वहां दूसरी नस्ल की गायें और बैल पैदा करते हैं।


खड़ा किया बड़ा बिजनेस-


ओंगोली सांड के दम पर ब्राजीलीयो ने अच्छा खासा बिजनेस खड़ा कर लिया है। वो भारत से मंगवाए इस सांड के सीमेन से नई गायों और सांडो को तैयार कर महंगी कीमत में अन्य देशों को निर्यात करते हैं। माना जाता है कि ब्राजील से निर्यात होने वाले एक ओंगोली सांड की कीमत 3 से 4 करोड़ रूपए होती है।



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