लोक कलाकारों की प्रभावी प्रस्तुतियों से मन मोहा

  • 2015-04-01 04:50:06.0
  • उगता भारत ब्यूरो
लोक कलाकारों की प्रभावी प्रस्तुतियों से मन मोहा

नई दिल्ली में राजस्थान स्थापना के 67वें स्थापना दिवस पर


पर्यटन विभाग द्वारा दिल्ली हाट जनकपुरी में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन


नई दिल्ली, 31 मार्च, 2015।      राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में राजस्थान के 67वें स्थापना दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।


       मुख्य आयोजन राजस्थान सरकार के पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जनकपुरी स्थित दिल्ली हाट में हुआ। समारोह में राजस्थान के लोक कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक संध्या में अपनी प्रभावी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन-मोह लिया। दिल्ली हाट के मुक्ताकाशी रंगमंच के चारांे ओर हजारों की संख्या में मौजूद दर्शकों ने कलाकारों की हौसला अफजाई की। राजस्थानी लोक कलाकारों ने अपनी मस्ती में ऐसी धूम मचाई कि दर्शक लोक संगीत और मनभावन नृत्यों के साथ झूूम उठे।


       प्रारंभ में समारोह के विशिष्ट अतिथि दिल्ली सरकार के पर्यटन अधिकारी राजकुमार शर्मा का राजस्थान पर्यटक स्वागत केन्द्र, नई दिल्ली के सहायक निदेशक आर.के. सैनी ने स्वागत किया।


       शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान का इतिहास बहुत प्रेरणास्पद है और रंग-रंगीले इस प्रदेश की कला-संस्कृति बहुत समृद्ध है। राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में ऐसे आयोजन सभी को विशेषकर विदेशी पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं और इससे देश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलता है।


       सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत अनीश एवं साथी कलाकारों की ‘‘कच्छी घोड़ी नृत्य’’ से हुई जिसे श्वेता गंगानी और अन्य नृत्यांगनाओं ने ‘चरी नृत्य‘ की प्रस्तुति से परवान पर चढ़ाया। जोधपुर से आये बूटे खान और साथियों ने ‘खड़ताल वादन’ से दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं पाली से आई लोक नृत्यांगनाओं ने श्रीमती गंगादेवी के नेतृत्व में ’तेरह ताल‘ की शानदार प्रस्तुति दी। जयपुर के लोक कलाकार ओम प्रकाश राणा ने अपने ‘भवई नृत्य‘ से दर्शकों की वाह-वाही लूटी। इसी प्रकार बारां से आये कलाकारों ने जानकी लाल की अगुवाई में सुन्दर ‘चकरी नृत्य’ प्रस्तुत किया। जयपुर की गीता कुमारी ने अन्य नृत्य कलाकारों के साथ कालबेलिया नृत्य से जबर्दस्त धूम मचाई वहीं गोवर्धन बृज से आये ललित शर्मा एवं साथी कलाकारों ने फूलों की होली और मयूर नृत्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम को उत्कर्ष तक पहुॅचाया।


       समारोह का संचालन कामां के श्री भगवान मकरंद ने किया। इस मौके पर राजस्थान सूचना केन्द्र, नई दिल्ली द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय द्वारा प्रकाशित साहित्य का वितरण किया।