वसुंधरा राजे ने केन्द्रीय गृह मंत्री को लिखा पत्र

  • 2015-03-20 03:57:44.0
  • उगता भारत ब्यूरो
वसुंधरा राजे ने केन्द्रीय गृह मंत्री को लिखा पत्र

राजस्थान की मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे ने केन्द्रीय गृह मंत्राी को लिखा पत्र

काश्तकारों एवं पशुपालकों को राहत के लिए आपदा राहत नियमों म­ शिथिलता प्रदान कर असमय वर्षा एवं ओलावृष्टि में हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर सहायता देने का आग्रह 


नई दिल्ली, 19 मार्च। राजस्थान की मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने भारी ओलावृष्टि से प्रभावित प्रदेश के किसानों को अधिक राहत दिलाने के लिए केन्द्र सरकार से आपदा राहत कोष के नियमों (एसडीआरएफ) म­ संशोधन एवं शिथिलता प्रदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्राी श्री राजनाथ सिंह को इस संबंध म­ पत्रा लिखा है। जिसम­ बेमौसम हुई वर्षा एवं ओलावृष्टि से किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर कृषि-आदान अनुदान सहायता देने के मापदण्ड निर्धारित करने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्राी ने पशुधन की वास्तविक कुल क्षति संख्या के आधार पर ही सहायता राशि निर्धारित करने का अनुरोध किया है।

श्रीमती राजे ने पत्रा म­ बताया कि एसडीआरएफ नियमों के तहत लघु एवं सीमान्त काश्तकारों से भिन्न काश्तकारों को 50 प्रतिशत से अधिक खराबा होने की स्थिति म­ प्रथम आपदा पर एक हैटेयर तथा लगातार दूसरी बार प्राकृतिक आपदा की स्थिति म­ दो हैटेयर तक कृषि आदान अनुदान सहायता प्रदान करने की सीमा निर्धारित की हुई है। मुख्यमंत्राी ने अनुरोध किया कि इस सीमा को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है जिससे कि इस श्रेणी के काश्तकारों को पर्याप्त सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्राी ने प्राकृतिक आपदा से दुधारू एवं गैर दुधारू पशुओं की क्षति होने पर पशुओं की संख्या एवं सहायता राशि की निर्धारित सीमा को भी बढ़ाने का अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि एसडीआरएफ मानदण्डों म­ यह प्रावधान है कि बड़े दुधारू पशुओं जैसे - भ®स, गाय, ऊंट आदि की प्राकृतिक आपदा म­ क्षति होने पर एक पशुपालक को एक पशु तक ही सहायता देने की सीमा निर्धारित है। इसी प्रकार छोटे दुधारू पशु जैसे - भेड़, बकरी की क्षति होने पर चार पशुओं तक ही सहायता निर्धारित की हुई है। गैर दुधारू पशुओं की प्राकृतिक आपदा से क्षति होेने पर एक बड़े पशु एवं दो छोटे पशुओं तक ही सहायता उपलध कराने की सीमा निर्धारित की हुई है।

मुख्यमंत्राी ने कहा कि प्रदेश म­ कई काश्तकार एवं पशुपालक ऐसे ह®, जिन्ह­ ओलावृष्टि के कारण एक से अधिक बड़े पशुओं और 4 से अधिक छोटे पशुओं का नुकसान हुआ है। कई पशुपालकों को तो 150 से 200 भेड़-बकरियों की एक साथ क्षति हुई है, लेकिन वर्तमान मापदण्ड के अनुसार उन्ह­ अधिकतम 4 पशुओं की सीमा तक ही सहायता मिल पायेगी। मुख्यमंत्राी ने कहा कि यह सहायता पशुपालकों के लिए नगण्य मात्रा है। अतः बड़े पशुओं की क्षति म­ भी सहायता सीमा को एक पशु तक सीमित करने के प्रावधान म­ शिथिलता दी जाए।

  मुख्यमंत्राी ने प्रदेश म­ 28 फरवरी, 1 मार्च तथा 12 से 15 मार्च के दौरान हुई भयंकर ओलावृष्टि एवं बारिश से रबी की फसल को व्यापक पैमाने पर हुए नुकसान की ओर ध्यान दिलाते हुए पत्रा म­ लिखा है कि इससे राज्य के 4 हजार 247 गांव प्रभावित हुए हैं। कई जिलों म­ तो फसलंे पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। जीरा, इसबगोल, गेहूं, चना, जौ, लहसुन, धनिया, सरसों एवं संतरे की फसलों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। बिजली गिरने और अधिक वर्षा से मकान गिरने के कारण 25 व्यक्तियों की मृत्यु एवं बड़ी संख्या म­ पशुधन की क्षति हुई है। प्रदेश म­ करीब पांच हजार आवासीय मकान भी क्षतिग्रस्त हुए ।