संसद में राजस्थान

  • 2015-02-26 03:04:37.0
  • अमन आर्य
संसद में राजस्थान

सांसद श्री ओम बिरला ने संसद में कोटा शहर के नान्ता से नेशनल हाईवे 76 के 

जंक्शन को मिलाने वाली सात किमी सड़क के निर्माण की मांग की

नई दिल्ली, 25 फरवरी, 2015। कोटा-बूंदी सांसद श्री ओम बिरला ने संसद में शून्यकाल के दौरान कोटा शहर के नांता से नेशनल हाईवे 76 के जंक्शन को मिलाने वाली सात किलोमीटर सड़क के हिस्से का निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। उक्त सड़क नेशनल हाईवे के अधीन है और उसके सुदृढ़ीकरण का कार्य स्थानीय अधिकारियों द्वारा किसी न किसी बहाने से टाला जा रहा है, संबधित अधिकारियो द्वारा इस विषय में भ्रामक जानकारी दी गई और उक्त बाईपास अभी तक भी नहीं बन पाया और आगे भी अभी कम से कम एक साल तक बनने की संभावना नहीं लगती।

सांसद श्री बिरला ने कहा कि इस सात किलोमीटर की सड़क को पार करने मे ऊंचे ग्राउण्ड क्लियरेन्स वाले वाहनों को भी 30 से 45 मिनट तक का समय लगता है और छोटे व मध्यम श्रेणी के वाहन तो बिना डेमेज के निकल ही नहीं सकते।

श्री बिरला ने कहा कि इस संबंध में माननीय मंत्री महोदय व एनएच अधिकारियों से भी संपर्क किया है। मेरी सदन से मांग है कि इस 7 किलोमीटर की जर्जर सडक पर डबल सीसी रोड बनाया जाए जिससे भविष्य में होने वाली बडी दुर्घटना से बचा जा सके और क्षेत्र में परिवहन को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।

श्री ओम बिरला ने मांग की कि उक्त सड़क को बनाया जाना अत्यन्त आवश्यक है अतः इसका निर्माण निश्चित समय सीमा में कराकर एन एच 76 पर यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत प्रदान की जाए।

सांसद ओम बिरला ने संसद में उठाया उर्वरकों और आपूर्ति का मुद्दा

सांसद श्री ओम बिरला ने संसद में प्रश्न के माध्यम से देश में उर्वरकों के उत्पादन और आपूर्ति का मुद्दा उठाया। श्री बिरला के सवाल का जवाब देते हुए केन्द्रीय रासयन एवं उर्वरक राज्यमंत्री श्री हंसराम गंगाराम अहीर ने बताया कि सरकार ने यूरिया क्षेत्र में नया निवेश आकर्षित करने और भारत को यूरिया क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2 जनवरी 2013 को नई निवेश नीति-2012 अधिसूचित की थी। इसके बाद 7 अक्टूबर 2014 को नई निवेश नीति-2012 में संशोधन अधिसूचित किया गया है। यह ‘मेक इन इण्डिया’ अभियान के अनुसरण में है।

श्री अहीर ने कहा कि उर्वरकों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं के रूप में घोषित किया गया है। किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 के तहत उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 में प्रख्यापित किया गया है। एफसीओ राज्य सरकारों को अपने राज्यों में उर्वरकों की कालाबाजारी को रोकने के लिए उपयुक्त कार्रवाई करने का अधिकार देता है। इसके साथ-साथ उर्वरक विभाग ने समय-समय पर मुख्य सचिवों, गृह मंत्रालय को इस सम्बंध में कार्रवाई करने हेतु उनके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत प्रवर्तन एजेंसियों को सक्रिय करने के लिए पत्र लिखे हैं। इसके अलावा उर्वरक विभाग कृषि एवं सहकारिता विभाग तथा राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक वीडियो कांफ्रेंस करके राज्य सरकारों को सचेत कर रहा है और सलाह दे रहा है कि कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्य सरकारों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाए और त्वरित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि राज्यों को उर्वरकों की पर्याप्त और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कृषि और सहकारिता विभाग राज्य सरकारों के साथ परामर्श से प्रत्येक फसल मौसम के शुरू होने से पहले माह-वार मांग का आंकलन और अनुमान लगाता है। कृषि और सहकारिता विभाग की ओर से प्रस्तुत किए गए माह-वार और राज्य-वार अनुमान के आधार पर उर्वरक विभाग मासिक आपूर्ति योजना जारी करके राज्यों को उर्वरकों की उचित/पर्याप्त मात्रा आबंटित करता है।

श्री अहीर ने बताया कि वर्तमान में देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है किंतु उर्वरकों की आपूर्ति में वृद्धि और तत्परता के लिए कुछ राज्यों से कुछ अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इस विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए गए और उर्वरकों की अपेक्षित मात्रा उपलब्ध कराई गई। उर्वरक की आवश्यकता और उत्पादन के बीच अंतर को आयात के जरिए पूरा किया जाता है। इस वर्ष 2014-15 में 18 फरवरी 2015 तक 14591.82 करोड़ रुपये का यूरिया तथा 8477.99 करोड़ रुपये का पीएण्डके आयातित किया गया है।


आगामी रेल बजट में चित्तौड़गढ को प्राथमिकता दी जावें



नई दिल्ली, 25 फरवरी, 2015। चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री सी.पी. जोशी ने आगामी रेल बजट में चित्तौड़गढ लोकसभा क्षेत्र को प्राथमिकता देने की मांग रखते हुए नियम 377 के तहत चर्चा मंे भाग लेते हुए चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र के मावली से वाया बड़ीसादड़ी, नीमच रेल मार्ग के बारे में चर्चा की और मावली से बड़ीसादड़ी वर्तमान रेल लाईन का आमान परिवर्तन एवं बड़ीसादड़ी से नीमच रेल मार्ग के लिए बजट आवंटन की भी मांग रखी।

सांसद श्री जोशी ने चर्चा के दौरान कहा कि मावली से नीमच तक का रेल मार्ग एक महत्वपूर्ण रेल मार्ग है जो दो राज्यों के साथ ही दो संस्कृतियों को भी जोड़ता है। विगत 64 वर्षाें से उपरोक्त रेलमार्ग की मांग क्षेत्र के लोग करते रहे है। इसलिए सरकार से सांसद जोशी ने इसके लिए विशेष आग्रह किया है।