जानिए की कैसे फ्रिज में रखा बासी/पुराना आटा आमंत्रित करता है, भटकती आत्माओं को ?

  • 2015-01-30 12:00:06.0
  • उगता भारत ब्यूरो
जानिए की कैसे फ्रिज में रखा बासी/पुराना आटा आमंत्रित करता है, भटकती आत्माओं को ?

पं0 दयानंद शास्‍त्री

सभी जानते हैं की भोजन केवल शरीर को ही नहीं बल्कि हमारे मस्तिष्क को हमारे मन को हमारे विचारों को प्रभावित करता है !दूषित अन्न जल का सेवन न सिर्फ आपे शरीर और मन को बल्कि आपकी संतति को भी प्रभावित करता है !ऋषि मुनियों ने दीर्घ जीवन के जो सूत्र बताये थे उसके अनुसार ताज़ा भोजन खानें से शरीर निरोगी होने के साथ साथ तरोताज़ा रहता है और बीमारियों को पन्पनें से रोकता है !लेकिन जब से फ्रिज का चलन अधिक हुआ है तब से घर घर में बासी भोजन का प्रयोग भी तेजी से बड़ा है!यही कारण है की परिवार और समाज में तामसिकता का बोलबाला है!

ताज़ा भोजन ताज़े विचारों और स्फूर्ति का आवाहन करता है जबकि बासी भोजन से क्रोध ,आलस्य ,औरर उन्माद का ग्राफ तेजी से बड रहा है !शास्त्रों में कहा गया है की बासी भोजन भूत भोजन होता है और इससे ग्रहण करने वाला व्यक्ति जीवन में नैराश्य ,रोगों ,औरर उद्विग्र्ताओं से घिरा रहता है !

अक्सर हम देखतें है की  गृहणियां कुछ समय बचाने के लिए रात को आटा गूंथ के लोई बनाकर रख देती है !औरर अगले दो चार दिन तक वही इस्तेमाल होता रहता है !

गुंथे हुए आते को उस्सी तरह पिंड के सामान माना जाता है जो पिंड मृत्यु के बाद जीवात्मा के लिए समर्पित किये जाते है !किसी भी घर में जब गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखनें की परंपरा बन जाती है तब वें भूत और पितृ इस पिंड का भक्षण करनें के लिए घर में आने शुरू हो जाते है जो पिंड पाने से वंचित रह जाते है यही पितृ आटे की राखी हुई इस लोई को पिंड समझ तृप्ति पानें का उपक्रम करते रहते है !जिन परिवारों में इस प्रकार की परंपरा है (आटा गूंथ के रखनें की ) वहां किसी न किसी प्रकार के अनिष्ट , रोग - शोक और क्रोध तथा आलस्य का डेरा पसर जाता है !इस बासी और भूत भोजन का सेवन करनें वाले लोगों को अनेक समस्याओं से घिरना परता है !

आप अपने इष्ट , परिजनों व् परोसियों के घरों में इस प्रकार की स्थितियां देखें और उनकी जीवनचर्या का तुलनात्मक अध्ययन करें तो पायेंगे की वे किसी न किसी परेशानी से घिरे रहते है !पुराने जमानें में हमारे बुजुर्ग गुंथा हुआ आटा रात में न रखनें की सलाह देते थे!उस जमाने में फ्रिज का कोई अस्तित्व नहीं था ,फिर भी बुजुर्गों को इसके पीछे के रहस्य की पूरी जानकारी थी .!मात्र कुछ समय बचानें के लिए हम अनजानें में स्वयं ही समस्याओं को आमंत्रित कर लेते है!

ध्यान रखें, हमें ताज़ा भोजन बनाना चाहिए विशेषकर आटा ताज़ा ही गूंथना चाहिए !गूंथा हुआ आटा कभी भी रात में बचाकर नहीं रखना चाहिए !ऐसा करने से आप और आपका परिवार अनेकानेक परेशानियों/ समस्याओं से बचा रहेगा..