आस्ट्रेलिया में आतंकवाद

  • 2014-12-17 03:08:23.0
  • डॉ0 वेद प्रताप वैदिक
आस्ट्रेलिया में आतंकवाद

आस्ट्रेलिया में हुए आतंकवादियों के हमले की पूरी जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है लेकिन हमारा अनुमान है कि जिन 40 लोगों को बंधक बनाया गया है, उनमें कुछ दक्षिण एशियाई नागरिक जरुर होंगे। आस्ट्रेलिया का ऐसा कौनसा बड़ा शहर है, जिसमें भारतीय लोग हजारों की संख्या में नहीं रहते हैं। वहां नेपाली, पाकिस्तानी और श्रीलंकाई लोग भी हैं लेकिन नहीं लगता कि इस हमले का निशाना सिर्फ भारतीय लोग ही हैं। आतंकवादियों ने अरबी भाषा में एक झंडे पर ‘अल्लाह एक है’ लिख रखा है।


हमलावर आतंकवादियों ने आस्ट्रेलिया में ये जो दुस्साहस किया है, उससे कई निष्कर्ष निकलते हैं। पहला तो यह है कि वे अमेरिकियों को डराना चाहते हैं। अमेरिका आजकल सीरिया और एराक़ में आईएसआईएस (इस्लामी राज्य) के खिलाफ जबर्दस्त लड़ाई लड़ रहा है। यह लड़ाई अल-कायदा तथा कई अन्य इस्लामी संगठनों के खिलाफ भी है। ये सब संगठन मिलकर अमेरिका का बाल भी बांका नहीं कर सकते। इसीलिए उन्होंने अमेरिका के निकट सामरिक सहयोगी आस्ट्रेलिया को प्रकंपित करने की कोशिश की है। दूसरा, उन्होंने भारत-जैसे राष्ट्रों के भी कान खड़े कर दिए हैं। यह हमला भारत-जैसे राष्ट्रों के लिए भी अग्रिम चेतावनी है। इस चेतावनी की मार में अफगानिस्तान, पाकिस्तान तथा अन्य दक्षिण एशियाई देश भी आते हैं। तीसरा, बेकसूर लोगों पर हमला करके उन्होंने यह सिद्ध किया है कि वे कायर हैं। यह काम कुछ अनुभवहीन और अपरिपक्व नौजवानों का है, जो आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से बात करना चाहते हैं और उन्हें ब्लेकमेल करना चाहते हैं। ये बेमौत मारे जाएंगे, इसमें मुझे शक नहीं है। चैथा, अपने आपको अल्लाह का प्रतिनिधि कहनेवाले ये लोग इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। इस्लाम बेकसूर लोगों पर हमले को कभी जायज़ नहीं ठहराता। पांचवां, इस हमले ने सारी दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह आतंकवादियों के खिलाफ एकजुट हो जाए।


विश्वास है कि आस्ट्रेलिया की सरकार बंधकों को छुड़ा लेगी और आतंकवादियों को तगड़ा सबक सिखाएगी लेकिन ज्यादा जरुरी है कि दुनिया के सभी प्रमुख इस्लामी उलेमा और मौलाना लोग आतंकवाद के खिलाफ फतवे जारी करें ताकि मुस्लिम नौजवान गुमराह न हों। इसका मतलब यह नहीं कि वे अमेरिका की दादागीरी का समर्थन करें या मुसलमानों की जायज़ शिकायतों की अनदेखी करें। जरुरी यह है कि जो भी लड़ाई लड़ी जाए, वह हथियारों से नहीं, तर्क-वितर्क से लड़ी जाए। हिंसा नहीं, शांति से लड़ी जाए।