मौलिक भारत संस्था की पहल

  • 2014-12-09 06:54:10.0
  • उगता भारत ब्यूरो
मौलिक भारत संस्था की पहल

प्राधिकरणों के घोटालों पर जन जागृति हेतु होगा ‘मौलिक जन संवाद’ का आयोजन


सभी जाँच एजैंसियों को भेजे जायेंगे एकत्र किये गये सबूत व दस्तावेज


                मौलिक भारत संस्था के नोयडा स्थित मुख्य कार्यालय में आज हुई। आपात बैठक में अपनी 6 दिसम्बर की प्रेस वार्ता में उठायी गयी नोयडा के घोटालो पर एसआईटी  के गठन की माँग को स्वयं उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कालाधन पर एसआईटी द्वारा संज्ञा में लेने पर हर्ष व्यक्त किया गया। अब नोयडा के विभिन्न प्राधिकरणों मे चल रहे घोटालों की जाँच एसआईटी अपने दायरे मे करेगी, इसे संस्था की बड़ी जीत बताया गया।


                संस्था के महासचिव अनुज अग्रवाल ने बताया कि हमारे दबाव व संघर्ष के कारण जहाँ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने उ.प्र. सरकार पर सख्ती हेतु दबाव बनाया है वहीं उ.प्र. सरकार ने अनेकों कानूनों में बदलाव कर सख्ती बरतनी शुरू की है और अब नोयडा प्राधिकरण ने अपनी अगली बैठक में सभी ठेके पूर्णतः ई-टेंडरिग के जरिये कराने का प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एसआईटी द्वारा सीबीआई, सीबीडीटी, ई.डी व इनकम टेक्स विभागों की मदद से जाँच में सच्चाई सामने आने व प्रभावी कार्यवाही की पूरी उम्मीद है।


                मौलिक भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेन्द्र सोलंकी ने इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष व उ.प्र. के प्रभारी कैप्टन विकास गुप्ता की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके प्रयासों में पूरा साथ देते रहने का संकल्प किया व सभी सदस्यों ने कैप्टन विकास गुप्ता का अभिनन्दन किया।


                कैप्टन विकास गुप्ता ने इस बैठक में प्रस्ताव रखा कि उनके व मौलिक भारत की टीम द्वारा एकत्रित सभी घोटालों के दस्तावेजों व सबूतों को प्रधानमंत्री, सीवीसी, उच्चतम न्यायालय, एस आई टी, सी बी आई, सी बी डी टी, ई डी, आयकर विभाग व


उ.प्र. के राज्यपाल व सरकार को भेजा जायेगा ताकि जाँच प्रभावी तरीके से हो सके एवं कोई भी अपराधी बच कर न निकल सके।


                संस्था के सदस्यों राजेश गोयल, संजय शर्मा, मृत्युंजय सिंह, राकेश कुमार, राहुल राज मलिक व पंकज गोयल ने सुझाव दिया कि जिला गौतम बुद्ध नगर में निरन्तर हो रहे घोटालों के कारण जन जागृति का अभाव है अतः संस्था को इस विषय को जनता के बीच लेकर जाना चाहिए। इस माँग को स्वीकार करते हुए संस्था ने प्राधिकरणों के घोटालों पर जनचेतना जागृत करने के लिए शीघ्र ही ‘मौलिक जन संवाद’ के आयोजन करने का निर्णय लिया।


                संस्था के जिला प्रभारी-मृत्युंजय सिंह ने बताया कि इस संवाद के दिन ही संस्था की नयी जिला कार्यकारणी की घोषणा भी की जायेगी और इसके बाद प्रत्येक सेक्टर, गाँव, मोहल्ले (वार्ड) व सोसाईटी में ‘मौलिक जन संवाद’ आयोजित कर जन जागरण का कार्य किया जायेगा।


                अनुज अग्रवाल ने बताया कि ‘मौलिक जन संवाद’ के माध्यम से अब से सभी प्राधिकरणों में जन प्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का मुद्दा भी जोर शोर से उठाया जायेगा। तीनों प्राधिकरणों को स्थानीय निकायों की स्थापना कर उनके ही अन्र्तगत करने सरकार पर दबाव डाला जायेगा।