इतिहास के काले पन्नों के मुंह बोलते तथ्य और पाकिस्तान दिवस

  • 2013-03-24 14:39:21.0
  • उगता भारत ब्यूरो
इतिहास के काले पन्नों के मुंह बोलते तथ्य और पाकिस्तान दिवस

-मुस्लिम लीग ने लाहौर अधिवेशन में देश को विभाजित करने की मांग 23 मार्च 1940 में की थी और 14 अगस्त 1947 को उनकी मांग पूरी हो गयी। पश्चिम तथा पूर्व में दो पाकिस्तान बने।
-पाकिस्तान के संस्थापक मिस्टर जिन्ना ने कहा कि देश में हिंदू व मुस्लिम कौमें हैं जिनका आपस में कुछ भी मेल नही खाता है इसलिए मुस्लिम अलग देश में रहेंगे।
-दोनों पाकिस्तान मुस्लिम देश के रूप में अस्तित्व में आए जिनका राजकीय धर्म इस्लाम बना और अमुस्लिम द्वितीय श्रेणी के नागरिक हो गये।
-जिन्ना ने कहा था कि पाकिस्तान में हिंदू क्यों रहे? वे आबादी की अदला बदली के पक्ष में थे।
-भारत के कांग्रेसी नेता आबादी की अदला बदली के पक्ष में नही थे इसलिए पाकिस्तान में कई लाख हिंदू अभी भी हैं।
-ब्लूचिस्तान प्रांत की असेम्बली में एक हिंदू विधायक है जिसे अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री बनाया गया है
-सिंध असेम्बली में लगभग दस विधायक हैं इनमें से एक को मंत्री बनाया गया है।
-नेशनल असेम्बली में हिंदू ईसाईयों के छह सांसद हैं।
-अपहरण जबरन वसूली फिरौती के लिए उठा लेना दबाव से धर्म परिवर्तन, डकैती-लूटमार हत्याएं जैसी संगीन घटनाएं समय समय पर होती हैं किंतु पुलिस मुस्लिमों का ही पक्ष लेती है।
-पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन कई हैं जो अपनी हरकतें करते रहते हैं।
पाकिस्तान का क्षेत्रफल लगभग सवा दो लाख वर्गमील है।
-चूंकि भारत से सारे मुस्लिम पाकिस्तान नही गये अत: उनके हिस्से की 88000 वर्गमील भूमि पाकिस्तान को ज्यादा मिल गयी।
-वास्तव में अनौपचारिक रूप से पाकिस्तान तो 712ई. से ही बनना शुरू हो गया था जब मौ. बिन कासिम ने एक हिंदू को मुस्लिम बनाया था। धर्मांतरण चलता रहा अत: 1947 में मुस्लिम 24 प्रतिशत हो गये थे।
-4 जून 2005 को पाकिस्तान यात्रा के दौरान मि. जिन्ना के मकबरे पर रखी गयी विजिटर्स बुक में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लिखा 'ऐसे कम ही होते हैं जो इतिहास बनाते हैं, जिन्ना भी ऐसे ही थे। पाकिस्तान की संविधान सभा में 11 अगस्त 1947 को मि. जिन्ना ने कहा था कि अब पाकिस्तान में हिंदू मुसलमान ईसाई व सिख अपने अपने पूजा स्थलों में जाकर पूजा कर सकेंगे। राज्य किसी नागरिक के साथ धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नही करेगा। मैं ऐसे महान व्यक्ति को श्रद्घांजलि अर्पित करता हूं।
-आडवाणी द्वारा ऐसा लिखना भारतीयों को कतई पंसद नही आया था।
उनकी खूब आलोचना हुई। बाद में उन्हें भाजपा का अध्यक्ष पद छोडऩा पड़ा। वास्तव में जिन्ना की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर था। यदि वे पाकिस्तान को धर्मनिरपेक्ष कह रहे थे तो इस्लाम राजकीय धर्म कैसे हो गया?
-जिन्ना ने मौखिक आदेश में कहा था कि देश में एक भी केशधारी हिंदू, सिख नही होना चाहिए।
चजब लाशों से भरी हुई प्रथम रेलगाड़ी दिल्ली पहुंची तो जिन्ना ने कहा था कि यह पाकिस्तान की भारत को सौगात है।
-1947 में अनुमानत: पंद्रह लाख लोग मरे या मारे गये। यह विश्व का सबसे बड़ा भयंकर रक्तपात था फिर भी जिन्ना को महान कैसे और क्यों कहा जाए?
-सरकारी आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में हिंदू अब 1.6 प्रतिशत है जबकि 1947 में 15 से 25 प्रतिशत तक थे।
-संयुक्त पाकिस्तान का पूर्वी भाग 1971 में अलग हो गया जिसका नाम बंगला देश रखा गया है।
-बंगला देश का क्षेत्रफल लगभग 50000 वर्गमील है। चंूकि पूर्वोत्तर भारत के मुस्लिम वहां कम गये। इस प्रकार बंगला देश को 2000 वर्गमील भूमि अधिक मिल गयी।
-पाकिस्तान और बंगला देश में 1947 में नही जाने वालों की संख्या 3 करोड़ थी। वे यहां रहकर तरह तरह की मांगें करते रहते हैं और बात बात पर झगड़ते हैं-लड़ते हैं दंगे करते हैं।
-हमारी इनसे मांग है कि वे पाकिस्तान और बंगला देश से अपने हिस्से की जमीन मांगे जो 88000+2000=108000 वर्गमील बैठती है।
जब तक पाकिस्तान बना रहेगा,
भारत में अशांति के बादल मंडराते रहेंगे।
सावरकर वाद प्रचार सभा
बुलंदशहर