हिंदू शब्द से चिढ़ क्यों?

  • 2012-12-27 12:32:36.0
  • उगता भारत ब्यूरो
हिंदू शब्द से चिढ़ क्यों?

हिंदू के निम्न अर्थों को याद रखें-
-जो हीन नही है चसब का हितैषी, न्यायप्रिय, दूरदर्शी चसबका हितकारी न्यायकारी दूरगामी चबुराईयों को दूर करने वाला।
याद रखें:- कि देवता स्वरूप वैदिक धर्मी भाई परमानंद ने वैदिक धर्मी स्वामी श्रद्घानंद के साथ 1915 ई. में अखिल भारती हिंदू महासभा की स्थापना की थी। 1930-40 में भाई परमानंद ने नई दिल्ली में हिंदू महासभा भवन बनवाया और कई वर्षों तक हिंदू साप्ताहिक अखबार निकाला।
-वैदिक धर्मी स्वामी श्रद्घानंद ने 1923 ई में वैदिक धर्मी महात्मा हंसराज के साथ भारतीय हिंदू शुद्घि सभा बनाई और हिंदू शुद्घि भवन बनवाया।
-हिंदू कोड़ बिल आर्यों पर लागू होता है।
कोर्ट कचहरी में आर्यों को गीता पर हाथ रखकर शपथ लेनी होती है।
-आर्यों की जनगणना अलग से नही होती है।
-धारा 29 व 30 का लाभ आर्यों को भी नही मिलता है।
देश विदेशों में भी आर्य, हिंदू के रूप में जाने और पहचाने जाते हैं।
-सनातन धर्मी-वैदिक धर्मी-सिख धर्मी बौद्घ धर्मी तथा जैन धर्मी, सब हिंदू धर्म की शाखाएं हैं जो पुर्नजन्म को मानते हैं गोमाता एवं ओंकार में भक्ति भाव रखते हैं और शवों को जलाते हैं।
-बीसवीं शताब्दी के सबसे बड़े हिंदू संगठक वीर सावरकर को हिंदू शब्द पसंद था।
अरबी भाषा में लिखे हिंदू की व्याख्या पर ध्यान न दें।
आई. डी. गुलाटी