सिंचाई क्षेत्र में क्रांति करेगा सोलर पंप

  • 2015-10-18 09:30:10.0
  • अमन आर्य

सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर किसानों की निर्भरता खत्म करने के लिए प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा अब छोटे किसानों को सोलर पंप की खरीद पर 75 फीसदी तक का अनुदान दिया जाएगा।विभाग ने तीन और पांच हॉर्सपावर के नए सोलर पंप भी जारी कर दिए हैं।अनुदान पाने के लिए किसान को उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट पर दिया गया आवेदन फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म को भरने के लिए किसान ब्लॉक ऑफिस से भी मदद ले सकते हैं। आवेदन पहले आओ पहले पाओ के सिद्घांत पर चुने जाएंगे। इस वर्ष सरकार ने करीब 5000 सोलर वॉटर पंप पर नुदान का लक्ष्य रख है।लखीमपुर खीरी जिले के मितौली ब्लॉक के नकार गाँव में रहने वाले किसान सर्वेश सिंह (38 वर्ष) को इस बार सिंचाई के लिए डीजल या बिजली की चिंता नहीं करनी पड़ी। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने वर्ष 2014 की शुरुआत में ही सोलर पंप लगवाया था। सरवेश सोलर पंप की तारीफ करते हुए बताते हैं, सोलर पंप लगवाने के बाद से हमें सिंचाई के लिए बिजली जाने का डर नहीं रह गया है और न ही डीजल पर खर्चा हो रहा है। जीरो मेंटेनेंस और एक भी पैसा खर्च किए बिना सोलर पंप से हम अपनी पूरी खेती सींच सकते हैं। सर्वेश के पास दो हॉर्सपावर वाला छोटा सोलर वॉटर पंप है, जो जमीन में 40 फीट की गहराई से पानी खींच सकता है। सर्वेश का गाँव उत्तर प्रदेश के तराई इलाके में पड़ता है, जहां ज़मीन के अंदर कम गहराई पर ही पानी उपलब्ध हो जाताहै।अपनी एक एकड़ खेती की सिंचाई के लिए सर्वेश सोलर पंप को दो दिन तक चलाते हैं। एक बार में एक एकड़ खेती की सिंचाई में सात से आठ लीटर डीजल खप जाता है। जबकिं सोलर पंप के बाद किसान का सिंचाई पर होने वाला खर्च बच जाता है और लागत का बोझ घट जाता है, सर्वेश बताते हैं। वर्ष 2014 तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान के तहत केवल दो हॉर्सपावर तक की ही सोलर पंप उपलब्ध थी। लेकिन अब उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) और उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने सोलर पानी पंप पर अनुदान की नई नीति में तीन और पांच हॉर्सपावर की पंप भी अनुदान राशि के तहत शामिल कर ली है। तीन और पांच हॉर्सपावर के पंप से किसान करीब 150 फीट की गहराई से भी पानी खींच सकते हैं। ज्यादा हॉर्सपावर के पंप उपलब्ध होने से तराई इलाकों के अलावा अन्य ऐसे क्षेत्रों के किसान भी सोलर पंप का फायदा उठा पाएंगे जहां भूमिगत जल के लिए बोरिंग काफी गहरी करनी पड़ती है। नई नीति के तहत छोटे और सीमांत किसानों के लिए दो और तीन हॉर्सपावर वाले सोलर पंप पर 75 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। वहीं बड़े किसानों को पांचहार्सपावर वाले पंप पर 50 फीसदी तक का अनुदान मिल सकेगा। आवेदन भरने के लिए किसान अपनी खेती से जुड़े दस्तावेज लेकर ब्लॉक में उप निदेशक के कार्यालय में जाकर ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं।किसानों को इन सोलर पंपों को खरीदने के बाद कोई दिक्कत न हो इसके लिए उन्हें पंपों पर पांच साल की वॉरेंटी भी मिलेगी।मदद के लिए संपर्क करें किसान सोलर पंप के बारे में अगर कोई भी जानकारी चाहते हैं तो वे विभाग द्वारा जारी नंबर टोल फ्री 1800 200 1050 पर फोन कर सकते हैं।जल स्तर के हिसाब से करें पंप का चयन सोलर पंप का चुनाव किसान आपने क्षेत्र के भूमिगत जल के स्तर के अधार पर कर सकते हैं। जिन क्षेत्रों में जल स्तर 40 फीट के ऊपर या आसपास है, वहां के किसान दोहॉर्सपावर का सोलर पंपर ले सकते हैं।जिन क्षेत्रों में जल स्तर 100 से 150फीट के बीच है, वहां के किसानों को तीन हॉर्सपावर का पंप चुनना चाहिए। पांच हॉर्सपावर वाला पंप 150 से 200 फीट की गहराई से पानी खींच सकता है लेकिन इससे एक बड़े क्षेत्र को सींचा जा सकता है।

यह पंप बड़े किसानों के लिए उपयुक्त. है।सोलर पंप की कीमत दो हॉर्सपावर वाले सोलर पंप की कीमत दो लाख चालीस हजार रुपए है, जिस पर सरकार 75 फीसदी अनुदान दे रही है। इसमें केंद्र सरकार 30 फीसदी और राज्य सरकार 45 फीसदी का अनुदान देगी। तीन हॉर्सपावर वाला पंप पांच लाख सत्तर हजार रुपए का है, किसानों को इस पर भी 75 फीसदी का अनुदान दिया जाएगा।पांच हॉर्सपावर वाला पंप सबसे महंगा होता है, जो सात लाख के आस-पास का पड़ेगा। यह पंप सिर्फ बड़े किसानों के लिए है। अत: इस पर 50 फीसदी का अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार 30 फीसदी और राज्य सरकार 20 फीसदी का अनुदान देगी। बुंदेलखंड के किसानों के लिए बढिय़ा विकल्प बुंदेलखंड के कई इलाकों के लिए सोलर वॉटर पंप सिंचाई का एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बुंदेलखंड में बांदा, झांसी, ललितपुर जैसे कई जिलों में जहां जलस्तर बहुत नीचे है, यह पंप किसा नों को सिंचाई का बेहतर विकल्प मुहैया करा सकते हैं।