सतेंद्र सिंह रावल: अपराध मुक्त समाज बनाना मेरा लक्ष्य

  • 2016-01-08 05:40:30.0
  • उगता भारत ब्यूरो

फरीदाबाद। अधिकतर देखा जाता है कि पुलिस के नाम पर लोग भडक़ जाते हैं कभी नहीं सोचते हैं पुलिस कर्मी भी हमारी तरफ इंसान ही हैं और हमारे परिवार से ही हैं । फरीदाबाद जहाँ बीस लाख से भी ज्यादा लोग रहते हैं एक तरफ उत्तर प्रदेश का बार्डर तो एक तरफ दिल्ली का, पुलिस को सबका खय़ाल रखना पड़ता है रात दिन जागकर जनता की सेवा करते हैं। नये साल में हम आपको अपराध शाखा  डी.एल.एफ. के प्रभारी सतेंद्र सिंह के बारे में विस्तार से बता रहे हैं जिनके बारे में जानकर आपको लगेगा कि ऐसे पुलिस जवानों की वजह से ही हम कहीं ज्यादा सुरक्षित रहते हैं।

वर्ष 2015 में उप निरीक्षक सतेन्द्र सिहं प्रभारी अपराध शाखा डी.एल.एफ. फरीदाबाद के नेतृत्व में अपराध शाखा डी.एल.एफ. की टीम ने वर्ष 2014 में घटित अपराधों को कड़ी मेहनत व लग्न से घटाकर वर्ष 2015 में न सिर्फ कम किया बल्कि अनुरेखण के प्रतिशत को भी बढाया है। साल 2014 में गृह भेदन के 403 अभियोग अंकित हुये थे। जबकि वर्ष 2015 में 331 अंकित हुए हैं तथा अनुरेखण का प्रतिशत बढाकर 50 प्रतिशत से ऊपर करने की कड़ी मेहनत भी की है।
satendra singh rawal


माह जनवरी 2015 में फरीदाबाद शहर से ए.टी.एम. मशीनों को कटर से काटकर रूपये चोरी करने वाले गिरोह के जाहिद निवासी ढाणी पाटी जिला मेवात, आजाद निवासी सिलाखड़ी जिला फरीदाबाद व यूनिस निवासी बरेली को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। पूछताछ के दौरान उपरोक्त अपराधियों ने फरीदाबाद जिले की 3 वारदात व अन्य राज्यों की भी वारदातों का खुलासा किया।

इसके बाद अरोपी धर्मेन्द्र पाण्डेय निवासी भोजपुर बिहार को गिरफ्तार किया गया। इस आरोपी की गिरफ्तार के बाद पूछताछ पर थाना सारन क्षेत्र की 14 वारदातों (घरों में चोरियों) का खुलासा हुआ। यह शख्स अकेला ही चोरी करता था और चोरी किए गए जेवरात को मुथुट कम्पनी में गिरवी रखकर रूपयों को जुए वा अय्याशी में उड़ा देता था। पर्वतिया कालोनी के लोगों ने इसकी गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली है।

माह फरवरी 2015 में अपराध शाखा डी.एल.एफ. फरीदाबाद ने एन0आई0टी0 क्षेत्र से चोरी करने वाले अनिस, साहबजादा उर्फ बकरी वा जाहिर निवासीगण मेवात को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों से 5 मुकदमे अनुरेखित हुए। इसके बाद सैक्टर 7 व सैक्टर 55 के लोगों की नीदें हराम करने वाले अर्जुन वा सोनू गुल्ला गिरोह को काबू किया गया। इस गिरोह से करीब 20/22 वारदातों का खुलासा हुआ। खास बात यह थी कि ये लोग चोरी करने के बाद चोरी किए गए जेवरातों को तावडू स्थित एक सुनार के यहां बेच आते थे और उस पैसे से नई कारें वा मोटर साईकिल खरीद कर मौज उड़ाते थे। इसी मौज मस्ती के दौरान अर्जुन का पैर भी टूट गया था। इसके पश्चात माह जुलाई 2015 में आरोपी नितिन उर्फ विजय को गिरफ्तार किया गया। इसके कारनामों का खुलासा किया जावे तो यह बन्टी चोर को भी पीछे छोड़ता हुआ प्रतीत होता है। पूछताछ पर इस शख्स ने बल्लभगढ़ व फरीदाबाद से कई मोटर साईकिल व कारें, झपटमारी तथा घरों/दुकानों से चोरी की कई वारदातों सहित करीब एक दर्जन वारदातों को अंजाम दिए जाने की बात कबूल की तथा थाना कोतवाली के अन्तर्गत दर्ज हुआ मुकदमा न0 336 दिनांक 07.07.15 धारा 302,307,379 आई.पी.सी. में नितिन एक इस्टीम कार को चोरी कर तथा दूसरी सैन्ट्रो कार से म्यूजिक सिस्टम उतार कर भागते समय जब सैन्ट्रो कार के मालिक का भाई मौके पर पहुंचा तो नितिन ने उसकी हत्या करने के प्रयास से गम्भीर चोट मारी व इसी घटना के दौरान एक पुजारी हरिओम शर्मा की हत्या की भी वारदात को कबूला। नितिन पहले भी कई बार चोरी, झपटमारी और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों में जेल जा चुका है। जिसके खिलाफ दर्जनों मामले अदालत में विचाराधीन है।

अभी तक की पूछताछ पर नितिन ने बतलाया कि यह अपने शौक पूरे करने वा नशा के लिए चोरियां करता है। नितिन ने करीब आठ साल पहले वाहन चोरी कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

इसी माह में आरोपी सुनील, शंकर, विनोद वा राजन को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह रात के समय रेलवे लाइन के आस पास मकानों वा कम्पनियों में चोरी करता था। इनसे थाना सूरजकुण्ड, थाना सराय वा थाना सैक्टर 31 के करीब 10/12 अभियोग अनुरेखित किए गए।

माह अगस्त 2015 में धु्रव, राजेश विनोद व बिरजू नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह इको गाड़ी में आता था तथा बन्द फ्लैट के ताले तोडक़र चोरी करता था। इन आरोपियों को ग्रीन फील्ड व थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र के अधीन 5 अभियोग अनुरेखित किए गए।

वर्ष 2015 के अन्त में रणजीत सोनी, विमल वा हरकिशन को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों ने थाना सूरजकुण्ड, थाना एस0जी0एम0 नगर, थाना सैक्टर 7 व थाना सैक्टर 55 की सेंधमारी की 4 वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।