येचुरी की शिकायत पर स्मृति ईरानी से सवाल करेगी संसदीय समिति

  • 2016-04-28 04:53:54.0
  • अमन आर्य

येचुरी की शिकायत पर स्मृति ईरानी से सवाल करेगी संसदीय समिति

नई दिल्ली राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति ने बुधवार को फैसला किया कि CPI(M) महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से दिए गए विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। येचुरी ने JNU से जुड़े विवाद पर चर्चा के दौरान ईरानी की टिप्पणियों को लेकर यह नोटिस दिया था।

येचुरी ने आरोप लगाया था कि HRD मंत्री ने देवी दुर्गा के बारे में कुछ ऐसी टिप्पणियों को उनका (येचुरी) बयान बता दिया था, जो उन्होंने कभी नहीं की थीं। येचुरी ने आरोप लगाया था कि ईरानी की ऐसी हरकत के कारण उन्हें धमकी भरे कॉल्स और ई-मेल्स मिले।

यह मुद्दा राज्यसभा में पिछले महीने JNU विवाद पर बहस से जुड़ा है। विशेषाधिकार समिति ने HRD मंत्री के खिलाफ इस मुद्दे पर पहली बार औपचारिक रूप से विचार बुधवार को किया। विशेषाधिकार समिति में येचुरी भी मेंबर हैं। चर्चा के लिए जब यह मुद्दा आया तो येचुरी ने बैठक से खुद को अलग नहीं किया। समिति में सदस्य बीजेपी सांसद विनय कटियार इस बैठक में नहीं आए। राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन की अध्यक्षता में हुई बैठक में केवल विपक्षी सदस्य जेडीयू सांसद केसी त्यागी, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और बीएसपी के राजपाल सैनी ही शामिल हुए। वहीं AIADMK और DMK के सांसद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से जुड़ी व्यस्तता के चलते नहीं आ सके। समिति में दो पद खाली हैं।

'संसद में आतंकवादी' वाले बयान पर अड़ीं प्राची

VHP लीडर साध्वी प्राची ने बुधवार को अड़ियल रुख अपनाया और 'संसद में आतंकवादी' वाले अपने विवादित बयान पर टिकी रहीं। राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने वह पेश हुईं, जहां विपक्षी सांसदों ने उन्हें 'बिना शर्त' माफी मांगने को कहा। कुरियन की अध्यक्षता वाली कमिटी प्राची के खिलाफ विपक्षी सांसदों की शिकायत की जांच कर रही है। यह शिकायत मॉनसून सेशन के दौरान प्राची के बयानों के संबंध में की गई थी। मीटिंग से बाहर आकर प्राची ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं इस देश की बेटी हूं। मैं पीछे नहीं हटूंगी। मुझे पर माफी मांगने के लिए दबाव डाला जा रहा है। वे मुझ पर चिल्ला रहे थे। मैंने कहा कि मुझे भी बोलने का अधिकार है।'

सूत्रों ने बताया कि कुरियन ने प्राची से कई बार कहा कि वह बिना शर्त माफी मांगें, लेकिन वह 'कुछ शर्तों के साथ माफी' मांगने पर जोर देती रहीं। रुड़की में एक जनसभा में प्राची ने उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया था। प्राची ने कहा था, 'यह बड़ा दुर्भाग्य है कि भारत की संसद में एक-दो आतंकवादी बैठे हैं।'