पीडि़त के साथ पुलिस का व्यवहार सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए

  • 2016-03-27 13:00:13.0
  • अजय आर्य

श्री अभिषेक यादव 2012 बैच के युवा आई.पी.एस. हैं, उनके कैरियर का शुभारंभ नोएडा से ही हुआ है। जनता के दुख दर्द के प्रति सहानुभूति रखने वाले और उस दुख-दर्द को मिटाने के लिए कृतसंकल्प श्री यादव से हमारे प्रतिनिधि की बातचीत के कुछ अंश यहां पर प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

श्री यादव से हमारे प्रतिनिधि संजय कुमार मिले तो उन्होंने बताया कि वह 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके रूचि पब्लिक की सेवा करने और समाज के अच्छे कार्य करने में है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस विभाग ही ऐसा है जिसमें  कर्मचारी और अधिकारी दोनों को ही चौबीसों घंटे कार्य करना होता है। चौबीसों घंटे की थकान और तनाव के कारण कई बार किसी कर्मचारी से किसी व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार हो जाता है जिसे उचित नही कहा जा सकता हो, पर यह पुलिस के हर कर्मचारी या अधिकारी के द्वारा हर समय नही किया जाता, अपवादस्वरूप कुछ उदाहरण मिल सकते हैं। जिन्हें पुलिस की कार्यशैली का स्थाई अंग नही माना जा सकता। वह कहते हैं कि इस समय पुलिस प्रशासन में अच्छे संस्कारों वाले अधिकारी और कर्मचारी आ रहे हैं और पुलिस के व्यवहार और कार्यशैली में पहले की अपेक्षा काफी बदलाव आ गया है।

[caption id="attachment_26468" align="alignleft" width="300"]श्री अभिषेक यादव श्री अभिषेक यादव[/caption]

श्री यादव का कहना है कि जनता के साथ पुलिस का व्यवहार ठीक हो इसके लिए हमने हर पीडि़त की रिपोर्ट आवश्यक रूप से दर्ज करने को प्राथमिकता दी है। साथ ही मेरा प्रयास यह भी रहता है कि हमारे हर कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन का अवकाश अवश्य मिलना चाहिए। जिससे कि उसे किसी प्रकार का मानसिक तनाव उत्पन्न न हो और वह मन लगाकर अपना कार्य करे। वह कहते हैं कि हमारा प्रयास यह भी है कि पब्लिक के लोगों से अधिक से अधिक संवाद स्थापित किया जाए, उनकी शिकायतें सुनी जाएं और उन शिकायतों का गंभीरता के साथ निस्तारण किया जाए।

श्री यादव का कहना है कि जो पुराने अपराधी जेल से बाहर हैं उनके बारे में गहनता से जांच की जा रही है कि वो अब इस समय क्या कर रहे हैं तथा जनता से भी पुलिस सहयोग की उम्मीद करती है कि यदि कहीं कोई अपराध हो रहा है तो उसे करने वाले के विषय में जनता के लोग पुलिस को अवश्य सूचित करें। उनका कहना है कि जनता के लोग के अपराधी के बारे में अपनी गोपनीय जानकारी हमें दे जाएं तो हमें असली अपराधी तक पहुंचने में और पीडि़त पक्ष को न्याय दिलाने में मदद मिल सकती है।

श्री यादव का कहना है कि जब से उन्होंने एसपी (देहात) का चार्ज संभाला है तब से रात्रि में सघन चैकिंग अभियान चालू किया गया है, जिससे कि अपराध और अपराधी पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके, और इस सघन चैकिंग अभियान के अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। उनका मानना है कि ग्रेटर नोएडा जैसे क्षेत्र में देश के दूर-दूर कोनों के लोग आकर बस गये हैं, जिससे कई बार अपराधी को स्थानीय लोग भी नही पहचान पाते हैं। जिससे अपराधी कई बार अपराध करके भागने में सफल हो जाता है, परंतु पुलिस अपनी व्यवस्था को बड़ी मुस्तैदी के साथ संभाल रही है।

श्री यादव कहते हैं कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी सारी ऊर्जा को अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए। उनका मानना है कि बीड़ी, सिगरेट, शराब का सेवन और गंदी सोसायटी या संगति में पडक़र दुव्र्यसनों को अपनाना नई पीढ़ी को गलत रास्ते पर ले जाता है, इसलिए हमारे अभिभावकों का भी फर्ज है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें। साथ ही युवा पीढ़ी के लिए भी आवश्यक है कि वे अपने बुजुर्गों या बड़े भाई बहनों द्वारा दिये जा रहे मार्गनिर्देशन को अपने लिए किसी प्रकार की बाधा या बोझ न समझें। यदि इतना ही ध्यान हमारी युवा पीढ़ी  रख लेगी और हमारे अभिभावक उन पर सही नजर रख लेंगे तो इससे न केवल पुलिस को राहत मिलेगी बल्कि समाज में भी शांति व्यवस्था बनी रहेगी।

श्री यादव ने ‘उगता भारत’ के पाठकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस त्यौहार को सभी प्रेम के साथ मनायें और अपने बंधु-बांधवों, पड़ोसियों व मित्रों से यदि किसी प्रकार का मन मुटाव भी है तो उसे इस अच्छे अवसर पर दूर कर दें।