‘उगता भारत’ के जिला कार्यालय का उद्घाटन संपन्न

  • 2015-07-13 03:31:26.0
  • अमन आर्य
‘उगता भारत’ के जिला कार्यालय का उद्घाटन संपन्न

ब्यूरो चीफ
हापुड़। यहां स्थित ‘सिटी प्लाजा’ में ‘उगता भारत ट्रस्ट’ की ओर से ‘उगता भारत’ समाचार पत्र के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विगत 11 जुलाई को दैनिक ‘उगता भारत’ के कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘वर्तमान शिक्षा प्रणाली और संस्कारहीन होता युवा वर्ग’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे सुदर्शन न्यूज चैनल के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके ने इस अवसर पर कहा कि आज के युवा के समक्ष सबसे बड़ी समस्या है कि उसे भारत के धर्म, संस्कृति और इतिहास से काटकर रखने वाली शिक्षा नीति लागू है। श्री चव्हाणके ने कहा कि देश के नैतिक मूल्यों में गिरावट आयी है और यह आश्चर्यजनक सत्य है कि पश्चिमी देश भारत से आज भी कुछ सीखना चाहते हैं, जबकि भारत उल्टे पश्चिमी देशों से सीखने को आतुर है। इससे भारत के ‘विश्वगुरू’ बनने के सपने पर भी प्रश्नचिन्ह लग जाता है। श्री चव्हाणके ने कहा कि इस समय प्रचलित शिक्षानीति को बदलकर उसे भारत के अतीत के गौरव को स्थापित कराने वाली बनाना होगा। उन्होंने कहा कि ‘उगता भारत’ के मुख्य संपादक श्री राकेश आर्य इतिहास पर विशेष अनुंसधान कर रहे हैं जो इस पत्र की विशेष उपलब्धि है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पं. बाबा नंदकिशोर मिश्र ने कहा कि देश के  दुर्भाग्य का वह पहला दिन था जिस दिन वर्तमान मैकाले  प्रणीति शिक्षा प्रणाली को ही स्वतंत्र भारत की शिक्षा प्रणाली बनाये रखने का निर्णय ले लिया गया था। उन्होंने कहा कि आज ‘मनुर्भव:’ के भारतीय चिंतन को शिक्षा नीति का मूल केन्द्र बनकर प्रस्तुत करने की आवश्यकता है, तभी भारत विश्वगुरू बनेगा और तभी विश्वशांति स्थापित हो पाएगी।
इस अवसर पर पत्र के मुख्य संपादक श्री राकेश आर्य ने कहा कि वर्तमान शिक्षा नीति ने रोजगारों को छीना अधिक हैं, रोजगार दिये कम हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा रोजगार प्रद नही होती है, अपितु शिक्षा संस्कारप्रद होती है जो मानव निर्माण कर विश्व निर्माण करती है। रोजगारप्रद शिक्षा समाज को हृदयहीन और संवेदनशून्य बनाती है। जिससे समाज में विभिन्न विसंगतियां उत्पन्न होती हैं। श्री आर्य ने कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली ने करोड़ों डिग्रीधारियों की बेरोजगारों की फौज समाज में खड़ी कर दी है, यह तभी संभव हुआ है जब युवाओं को अपने परंपरागत व्यवसाय से काट दिया गया है।
सभा को पत्र के वरिष्ठ सह संपादक श्रीनिवास आर्य ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा को संस्कार आधारित बनाया जाना आवश्यक है।
मंत्री ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर  विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे सपा के कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नेता श्री भूषण त्यागी ने पत्र के संपादक मंडल को अपनी शुभकामनाएं अर्पित कीं और अपने हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम को पत्र के सह संपादक रामकुमार वर्मा, ‘अर्वाचीन’ के चेयरमैन डा. अरूण शर्मा, शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखने वाले डा. विपिन गुप्ता, पत्र के कार्यालय प्रबंधक अजय आर्य, सुप्रसिद्घ उद्योगपति श्री विजय शंकर शर्मा, सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ‘उगता भारत प्रकाशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. बाबा नंदकिशोर मिश्र ने की और कार्यक्रम का सफल संचालन पत्र के महाप्रबंधक श्री एलएस तिवारी, एवं सहसंपादक श्री अजीत शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
वैदिक राष्ट्रगान से हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के द्वारा मुख्य अतिथि श्री सुरेश चव्हाणके ने किया जबकि वैदिक राष्ट्रगान का सुस्वर पाठ पत्र के बागपत ब्यूरो चीफ श्री राकेश कुमार आर्य ‘उगता भारत ट्रस्ट’  के प्रदेश अध्यक्ष रोहताश सिंह आर्य व संभल  ब्यूरो चीफ वेदवसु आर्य ने किया।
दिये गये नियुक्ति पत्र
इस अवसर पर हापुड़ की टीम को नियुक्ति पत्र भी प्रस्तुत किये गये। जिनमें श्री अजीत शर्मा व श्री अजय शंकर शर्मा को सहसंपादक, श्री अनुराग शर्मा को पत्र प्रतिनिधि, श्री विशाल शर्मा को पत्र प्रतिनिधि, एवं श्री संजीव शर्मा को ब्यूरो चीफ नियुक्ति किया गया। पत्र के मुख्य संपादक श्री राकेश कुमार आर्य ने इस टीम को ‘पंच प्यारे’ की उपाधि दी। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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