गोल्ड मोनोटाइज़ेशन स्कीम फेल

  • 2015-11-21 14:30:07.0
  • विकास राणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महीने की शुरुआत में चालू की गई स्वर्ण मौद्रीकरण योजना का पहला पखवाड़ा निराशाजनक रहा।इस दौरान महज 400 ग्राम सोना ही जमा कराया गया। उद्योग निकाय जीजेईपीसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस योजना का मकसद देश में घरों एवं मंदिरों में बिना उपयोग के पड़े करीब 52 लाख करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के 20,000 टन सोना को बाजार में लाना है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के प्रतिनिधियों ने 19 नवंबर को आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास से मुलाकात की और स्वर्ण जांच के लिए और केंद्र खोलने के उपायों पर चर्चा की।

सेज के लिए निर्यात संवर्धन परिषद के उपाध्यक्ष एवं पीपी ज्वेलर्स मुख्य कार्यकारी (सीईओ) राहुल गुप्ता ने कहा कि हमने बीआईएस के यहां पंजीकृत आभूषण निर्माताओं को सोने के लिए संग्रह केंद्र के तौर पर काम करने की अनुमति देने का वित्त मंत्रलय से अनुरोध किया है। वर्तमान में 3.5 लाख ज्वेलर्स है जिनमें 13,000 बीआईएस प्रमाणित हैं। वित्त मंत्रलय के एक अधिकारी के मुताबिक, दिसंबर तक स्वर्ण शुद्धता परीक्षण केंद्रो की संख्या 55 हो जाएगी जो मौजूदा समय में 29 है। साथ ही स्वर्ण रिफाइनरी की संख्या भी मौजूदा चार से बढक़र 20 हो जाएगी।