बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ : चौधरी कविता सिंह

  • 2016-11-28 12:30:36.0
  • मनोज शास्त्री
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ : चौधरी कविता सिंह

चौधरी कविता सिंह का जन्म 20 जुलाई 1962 को जिला बिजनौर के एक छोटे से गांव भरैरा में हुआ था। इनके पिता स्व. गोपीराम सिंह जिला बिजनौर के जाने-माने अधिवक्ता थे और उनकी माता एक साधारण गृहणी। कविता सिंह की शिक्षा-दीक्षा बिजनौर में ही हुई। 1984 में इनका विवाह श्री देवराज सिंह जो कि एक बड़े सरकारी अधिकारी थे, से हुआ। विवाह के पश्चात यह मुंबई चली गयीं थीं। कविता सिंह के एक पुत्र तथा एक पुत्री हैं। चौधरी कविता सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत सन् 2004 में बहुजन समाज पार्टी के साथ की थी। किंतु बाद में सन् 2006 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सन् 2009 में कविता सिंह ने भाजपा की ओर से एमएलसी पद का चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें 1478 वोट मिले। सन्् 2010 से 2013 तक कविता सिंह भाजपा की प्रदेश सचिव रहीं और इसी बीच 2012 में उन्होंने चांदपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और 38,700 मत लेकर वह तीसरे स्थान पर रहीं। 

वर्तमान में भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्या और 23-विधानसभा क्षेत्र, चांदपुर बिजनौर, उ.प्र. से भारतीय जनता पार्टी के टिकट की प्रमुख संभावित उम्मीदवार मानी जा रहीं चौधरी कविता सिंह ने ''उगता भारत'' से एक विशेष मुलाकात की। आईये जानते हैं उनके विचार और उनके जीवन के विषय में ऐसे कुछ पहलू जिनसे शायद अभीतक आप परिचित न हों। 

'उगता भारत' - कविता जी, आपके विषय में लोगों का कहना है कि आप बेहद रिजर्व नेचर की महिला हैं, जबकि कुछ लोग अपको घमंडी भी कहते हैं।
चौधरी कविता सिंह- एक महिला जब घर से बाहर निकलती है तो उसे बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। समाज में हर प्रकार का इंसान होता है और राजनीति में तो विशेषत: आपको सभी प्रकार के लोगों से मिलना पड़ता है। ऐसे में कभी-कभी यह आवश्यक हो जाता है कि आप सभी से एक निश्चित दूरी बनाकर रखें। और हर सभ्य महिला के कुछ सीमित दायरे होते हैं, एक लक्ष्मण रेखा होती है जिसके अंदर उसे रहना ही पड़ता है। ऐसे में अगर कोई इसे रिजर्व नेचर या घमंड कहता है तो यह कदापि उचित नहीं ठहराया जा सकता।

'उगता भारत' - इस बार के चांदपुर विधानसभा चुनाव में आप किसे भाजपा का मुख्य प्रतिद्धंदि मानती हैं?
चौधरी कविता सिंह- देखिये, पिछले काफी समय से प्रदेश में केवल दो पार्टियां नूरा कुश्ती करती चली आ रही थीं। एक बार एक पार्टी प्रदेश की जनता को लूट लेती थी तो अगली बार दूसरी पार्टी को लूटने का मौका देती थी। और प्रदेश की जनता सपा-बसपा नामक दो चक्की के पाटों के बीच पिस रही थी। दूसरे दोनों ही पार्टियां तुष्टिकरण की राजनीति कर रही थीं।  किंतु इस बार जनता में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया है और वो इनके चंगुल से बाहर आना चाहती है। और साफ-स्वच्छ छवि के नेताओं और सबका साथ, सबका विकास करने वाली पार्टी को ही चुनना चाहती है। ऐसे में केवल भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश की जनता की हर कसौटी पर खरी उतरती है। इसलिए मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और अन्य पार्टियों के नेताओं की जमानतें जब्त हो जायेंगी। बल्कि मुझे तो लगता है कि इस बार भाजपा की ऐतिहासिक जीत होगी और अन्य पार्टियों की ऐतिहासिक हार। ऐसे में हमारा मुकाबला करने की हिम्मत किसी में भी नहीं है।

'उगता भारत' -  आपके पास ईश्वर की कृपा से समस्त सुख-सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी आप राजनीति में क्यों आईं?
चौधरी कविता सिंह- जी हां, ईश्वर का दिया सबकुछ मेरे पास है, मेरे पुत्र और पुत्री के विवाह के पश्चात मेरी जिम्मेदारियां भी लगभग समाप्त हो चुकी हैं। किंतु पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने के पश्चात मेरे मन में एक प्रश्न बार-बार उठता था कि क्या समाज के प्रति मेरा कोई दायित्व नहीं? और इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही मैंने राजनीति को चुना। क्योंकि किसी को अधिकार दिलवाने के लिए आवश्यक होता है कि पहले आपके स्वयं के पास अधिकार हों और अधिकार के लिए आपको सत्ता चाहिए, और सत्ता के लिए राजनीति अनिवार्य है। इसलिए मुझे लगा कि यदि समाज के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करना है तो राजनीति करना जरूरी है। आखिर साफ-सुधरी और ईमानदारी से की जाने वाली राजनीति भी तो एक प्रकार से समाजसेवा ही है।

'उगता भारत' - क्या आपकी विचारधारा कट्टरवादी हिंदुत्व की है?
चौधरी कविता सिंह- मैें एक राष्ट्रवादी विचारधारा की महिला हूं साथ ही अपने सनातन धर्म से मेरा बचपन से ही बड़ा लगाव है। इसलिए मैं अपने देश और धर्म दोनों का पूरा सम्मान करती हूं। किंतु इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि मैं अन्य धर्मों का या संप्रदायों का विरोध या अपमान करती हूं अथवा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना चाहती हूं। परंतु साथ ही मैं ऐसी धर्मनिरपेक्षता को भी बिल्कुल पसंद नहीं करती जो अपने ही धर्म या राष्ट्र का विरोध करती हो।

'उगता भारत' - चांदपुर विधानसभा से कई लोग भाजपा के टिकट की लाईन में लगे हैं, आप ही को क्यों टिकट मिलना चाहिए?
चौधरी कविता सिंह- देखिये, इस बात का निर्णय केवल और केवल पार्टी ही ले सकती है कि वो किसे टिकट देगी और पार्टी का निर्णय सर्वमान्य होगा। किंतु मैंने इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल का फूल खिलाने के लिए दिन-रात मेहनत की है। मैंने कड़ी धूप, तेज वर्षा और आंधी तूफान और हाड़ कंपकपा देने वाली सर्दी में भी कमल के फूल को मुरझाने नहीं दिया। मैंने क्षेत्र में कमल के फूल को अपने खून-पसीने से सींचा है। यह मेरी कड़ी मेहनत का ही प्रतिफल है कि आज क्षेत्र की जनता कमल के फूल का पयार्यवाची कविता सिंह को मानती है।  

'उगता भारत' - यदि भाजपा आपको टिकट देती है और जनता आपको चुनती है तो आप क्षेत्र के विकास के लिए किन बातों को प्राथमिकता देंगी?
चौधरी कविता सिंह- सबसे पहले मैं लॉ एंड आर्डर को सुधारूंगी और महिलाओं को उनकी सुरक्षा और सम्मान की गारंटी दूंगी। क्षेत्र की बदहाल सडक़ों को सुधारने पर विशेष ध्यान दूंगी तथा सबका साथ, सबका विकास ही मेरी प्राथमिकता होगी। 

'उगता भारत' - अंत में आप समाज को विशेषत: युवावर्ग को क्या संदेश देना चाहेंगी?
चौधरी कविता सिंह- आज के युवाओं से मैं केवल यही अनुरोध करूंगी कि वो देश की रक्षा के लिए आगे आयें। आज देश को युवाओं की बेहद सख्त आवश्यकता है। युवाओं विशेषत: महिलाओं को चाहिए कि वो शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। पढ़ा-लिखा समाज बनाने में नारी का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। एक शिक्षित नारी ही एक शिक्षित समाज का निर्माण कर सकती है। नारी अब अबला नहीं है उसके आंचल में दूध है किंतु आंखों में पानी नहीं है। आज नारी हर क्षेत्र में देश का नाम रौशन कर रही है। मैं सभी से हाथ जोडक़र अपील करती हूं कि बेटियों को पालें, उन्हें पढ़ायें, और हर कदम पर उनका साथ दें।