एक शिक्षित समाज ही विकास की ओर अग्रसर हो सकता है-डा. अनिल सिंह

  • 2016-11-01 05:00:00.0
  • मनोज शास्त्री
एक शिक्षित समाज ही विकास की ओर अग्रसर हो सकता है-डा. अनिल सिंह

डा. अनिल सिंह का जन्म 3 मार्च 1958 को जिला बिजनौर की चांदपुर तहसील मुख्यालय से सटे एक छोटे से गांव पाहुली पोस्ट-हीमपुर बुजुर्ग में हुआ था। इनके पिता श्री भगवंत सिंह एक अवकाश प्राप्त पुलिस अधिकारी हैं और माता शकुंतला देवी एक साधारण गृहणी। इनकी पत्नी का नाम डा. आशा सिंह (एम.ए,एम.एड.एड., पीएचडी) है जो भगवंत ग्रुप की उपाध्यक्ष भी हैं। इनके एक पुत्र डा. विभांशु विक्रम सिंह (एम.बी.बी.एस) हैं, जो कि बैक्सिल फ ार्मा प्राईवेट लिमिटेड, हरिद्वार, (उत्तराखंड) के निदेशक हैं। इनकी एक पुत्री स्वाति सिंह (बी.टेक, एमबीए) और दूसरी पुत्री शुभांगी सिंह (एम.बी.बी.एस. की छात्रा) हैं। डा. अनिल सिंह उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति हैं इन्होंने बिडला इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, मेसरा, रांची से बी.टेक किया है, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपूर से एम.बी.ए.  किया है और राजकीय विश्वविद्यालय, बीकानेर से पीएचडी मैनेजमेंट  की है। भारतीय रेलवे में मुख्य अभियंता के रूप में डा. अनिल सिंह करीब 20 वर्षों तक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में रहे और तत्पश्चात पिछले 16 वर्षों से शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में भगवंत विश्वविद्यालय के कुलपति और भगवंत ग्रुप के चेयरमैन पद पर हैं। 

भगवंत ग्रुप के चेयरमैन और 23-विधानसभा क्षेत्र, चांदपुर बिजनौर, उ.प्र. से भारतीय जनता पार्टी के टिकट के प्रबल उम्मीदवार डा. अनिल सिंह ने ''उगता भारत'' से एक विशेष मुलाकात की, आईये जानते हैं उनके विचार और उनके जीवन के विषय में ऐसे कुछ पहलू जिनसे शायद अभी तक आप परिचित न हों। 

'उगता भारत'- डा. अनिल क्या आप बतायेंगे कि आपने समाजसेवा के क्षेत्र में किस प्रकार का योगदान दिया है?
डा. अनिल सिंह- भगवंत ग्रुप के द्वारा गरीब व मेधावी छा़त्र/छात्राओं को प्रतिवर्ष 50 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति का वितरण किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को नि:शुल्क कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जाती है। शकुंतला देवी महिला उत्थान कार्यक्रम के तहत गरीब परिवार की लड़कियों को प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की जाती है।

'उगता भारत'-सुना है आपको कई बार भारतीय प्रतिनिधि मंडल के साथ विदेश जाने का मौका मिल चुका है।
डा. अनिल सिंह- जी हां, यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे कई बार भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश यात्राओं पर जाने का सुअवसर प्राप्त हो चुका है। वर्ष 2016 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रतिनिधि मंडल में केन्या एवं तंजानिया की यात्रा की और 2015 में मॉरीशस की यात्रा की। वर्ष 2014 में महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के प्रतिनिधि मंडल में नार्वे एवं फिनलैंड की यात्रा की। इसके अतिरिक्त वर्ष 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के प्रतिनिधि मंडल में साउथ अफ्रीका एवं रिपब्लिक ऑफ शैसेल्स की यात्रा। इसके अतिरिक्त तकीनीकी शिक्षा एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान हेतु मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, बांग्लादेश, आस्ट्रेलिया, भूटान, स्काटलैंड, फ्रांस, साउथ अफ्रीका, सैशल्स, मालदीव, श्रीलंका, दुबई, नार्वे, फिनलैंड, मॉरीशस, चीन, केन्या और तंजानिया आदि देशों की भी यात्राएं की हैं।

'उगता भारत'- आप समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र से पिछले 16 वर्षों से जुड़े हैं, माना जाता है कि आपने समाज को शिक्षित करने में बेहद सराहनीय कार्य किये हैं। क्या कभी किसी सरकारी/गैर-सरकारी संगठन ने आपकी सेवाओं के लिए आपको सम्मानित किया ?
डा. अनिल सिंह- बिल्कुल, कई सरकारी/गैरसरकारी संस्थाओं द्वारा मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हो चुका है। सन् 2006 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सद्भावना अवार्ड मिला, सन् 2011 में प्रसिद्ध लेखक श्री चेतन भगत द्वारा एजूकेशन एक्सीलेंस अवार्ड  सन् 2012 में डा. शशी थरूर द्वारा बैस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज अवार्ड दिया गया। और सन् 2015 में राजस्थान जाट विश्राम स्थली पुष्कर द्वारा जाट रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया।

'उगता भारत'- डा. अनिल क्या आप संघ से जुड़े हैं? क्या आपकी विचारधारा कट्टरवादी हिंदुत्व की है?
डा. अनिल सिंह- मैं पिछले लगभग 36 वर्षों से संघ से जुड़ा हूं, और संघ की विचारधारा का पूर्ण सम्मान करता हूं। किंतु मेरा मानना है कि संघ की विचारधारा कट्टरवादी बिल्कुल नहीं है बल्कि संघ की विचारधारा राष्ट्रवादी है और मेरी राय में ''हर व्यक्ति को राष्ट्रवादी होना ही चाहिए। क्योंकि देश है तो हम हैं, देश है तब ही तो धर्म है यदि देश नहीं रहेगा तो फिर धर्म कहां बचेगा। मैं एक शिक्षित और सभ्य परिवार से हूं, मेरी सोच सकारात्मक है, मेरी विचारधारा विकासवादी है। मेरा सपना है कि देश के हर व्यक्ति को शिक्षा मिलनी चाहिए तभी एक शिक्षित समाज का निर्माण संभव है और एक शिक्षित समाज ही विकास की ओर अग्रसर हो सकता है। ''

 'उगता भारत'- चांदपुर विधानसभा से कई लोग भाजपा के टिकट की लाईन में लगे हैं, आप ही को क्यों टिकट मिलना चाहिए?
 डा. अनिल सिंह- देखिये, इस बात का निर्णय केवल और केवल पार्टी ही ले सकती है कि वो किसे टिकट देगी और पार्टी का निर्णन सर्वमान्य होगा। किंतु हां, इतना अवश्य है कि मेरी सोच अनुशासित है, मुझे अंतर्राष्ट्रीय अनुभव हैं, मैं एक सामाजिक चिंतक हूं और उच्च शिक्षित हूं। 
राजनीति और समाजसेवा मुझे विरासत में मिली है। मेरे पिता श्री भगवंत सिंह करीब 22 वर्षों से चांदपुर विधानसभा क्षेत्र मीरापुर पाहुली के निर्विरोध ग्राम प्रधान तथा विभिन्न कमेटियों में विशिष्ट पदों पर भी रहे हैं। यदि पार्टी और क्षेत्र की जनता मुझे अवसर प्रदान करती है तो ''मैं चांदपुर क्षेत्र की जनता को वचन देता हूूं कि क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य की भरपूर सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करने का यथासंभव प्रयत्न करूंगा।'' 

'उगता भारत'- कृपया भगवंत ग्रुप के विषय में संक्षेप में बतायें। 
डा. अनिल सिंह- भगवंत ग्रुप द्वारा जो संस्थान या उद्योग चलाये जा रहे हैं वो हैं-
शिक्षाण संस्थान-
1. भगवंत इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, मुजफफ रनगर
2. भगवंत कालेज ऑफ एजूकेशन, मुजफ्फरनगर  
3. अजमेर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, मुजफ्फ रनगर
4. भगवंत पब्लिक स्कूल, चांदपुर जिला बिजनौर
5. शकुंतला गल्र्स डिग्री कॉलेज, चांदपुर बिजनौर
6. भगवंत इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, गाजियाबाद
7. भगवंत इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, मुजफ्फरनगर
8. भगवंत इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस, मुजफ्फरनगर
9. भगवंत विश्वविद्यालय अजमेर (राजस्थान) 
10. भगवंत हास्पिटल, भगवंतपुरम, मुजफ्फ रनगर
11. भगवंत हास्पिटल अजमेर (राजस्थान)
12. बैक्सिल 
फ ार्मास्यूटिकल्स लि. हरिद्वार
13. भगवंत इंफ्रा डैवलपर लि. नई दिल्ल ी                                                                               

'उगता भारत'- अंत में आप समाज को विशेषत: युवावर्ग को क्या संदेश देना चाहेंगे?
डा. अनिल सिंह- आज के युवाओं से मैं केवल यही अनुरोध करूंगा कि वो अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता और अपने संस्कारों को जानें। नित्य प्रतिदिन योग करें, विशेषत: सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम अवश्य करें। उच्च शिक्षा प्राप्त करें और नौकरी की तलाश में ईधर-उधर भटकने की अपेक्षा स्वरोजगार अपनाने पर ध्यान केंद्रित करें। अंत में मैं अपने देश के समस्त शहीदों को शत-शत नमन करता हूं और सीमा पर डटे सभी जवान और खेत में खड़े सभी किसान भाईयों सहित समस्त देशवासियों को मेरी ओर से दीपावली और गंगा स्नान की हार्दिक शुभकामनाएं। 
जय जवान, जय किसान।