वीर सावरकर का एक प्रेरक प्रसंग

भारत को स्वाधीनता किसी ने थाली में परोस कर नही प्रदान की, अपितु भारत की स्वाधीनता की किश्ती शहीदों के शोणित के दरिया पर तैरती हुई आयी थी। करीब सात लाख लोगों की कुर्बानी से भारत की धरती लाल हुई थी। सदियों की गुलामी के बाद, तरह तरह की यातनाएं और जुल्मों को सहने के […]

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आईए चलें: चित्त की पवित्रता और परलोक के आलोक में

गतांक…..से आगेठीक इसी प्रकार व्यष्टि चित्त में पड़ा कोई प्रबल शुभ संस्कार अनुकूल वातावरण पाकर जब भोगोन्मुख होता है तो वह समष्टि चित्त से सजातीय संस्कारों को खींचता है जिनसे उसे विशेष ऊर्जा मिलती है। घोर गरीबी, विघ्न बाधाओं के बावजूद भी वह व्यक्ति ऐसे सबके आकर्षण और प्रेरणा का केन्द्र बनता है जैसे कूड़े, […]

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आईए चलें: चित्त की पवित्रता और परलोक के आलोक में

हमें अपने राष्ट्र और संस्कृति पर गर्व है। समस्त भूमंडल पर भारत ही एक ऐसा देश है जिसकी सभ्यता और संस्कृति हमारे वंदनीय और अभिनंदनीय ऋषियों के चिंतन से आज भी अनुप्रमाणित होती है। हमारे ऋषियों ने हमारे धर्मशास्त्रों में हमारे जीवन के सशक्त स्तम्भ अथवा आदर्श जहां चार पुरूषार्थों-धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष को माना […]

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गुणों से भी श्रेष्ठ सौम्य स्वभाव होता है

प्राय: देखा गया है कि कुछ लोगों में कुछ गुण होते हैं किंतु उनका स्वभाव अच्छा नही होता है यथा-जब तक आदमी सामने रहता है तो मुंह देखी बड़ाई करते हैं और उसके जाते ही पीठ पीछे उसी की चुगली-निंदा करते हैं। कुछ ऐसे होते हैं जो दान पुण्य भी कर देते हैं किंतु दम्भ […]

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जब भगवान के दिव्य गुण भक्त में भासने लगें

भक्ति की पराकाष्ठा को प्राप्त करने वाले संसार में ऐसे लोग बिरले ही होते हैं जिनमें भगवान के दिव्य गुण भासने लगें। ऐसी महान आत्मा, पुण्यात्मा युगों-युगों के बाद अवतरित हुआ करती हैं जिनके चेहरे पर दिव्य तेज होता है, सौम्यता होती है, जो उनका आभामण्डल बनाती हैं जिसके कारण लोग उन्हें भगवान का प्रतिरूप […]

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महान दार्शनिक कन्फ्यूशियश का एक प्रेरक प्रसंग

चीन के महान दार्शनिक कन्फ्यूशियश का नाम चीन में ही नही अपितु समस्त विश्व में बड़ी श्रद्घा और सत्कार के साथ लिया जाता है। उनकी ज्ञान की गंभीरता से प्रभावित होकर तत्कालीन चीन के सम्राट ने उन्हें तिब्बत के एक प्रांत का गवर्नर बना दिया था। वह ईश्वर भक्त और महान दार्शनिक थे। इसलिए वे […]

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सावधान: मन में छिपे हैं भयंकर तूफान

मनुष्य का व्यक्तित्व बड़ा ही जटिल और गहन है। उसका आर-पार पाना बहुत ही कठिन है। मनुष्य के इस इंसानी चोले में साधु और शैतान दोनों ही छिपे हैं। वह ऊंचा उठे तो इतना ऊंचा उठे कि देवताओं को भी पीछे छोड़ दे और यदि गिरने पर आए तो वह पशुओं से भी नीचे गिर […]

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हमारे शास्त्रों की दृष्टि में ज्ञानी कौन?

प्राय: देखा गया है कि लोग ज्ञानी शब्द की गंभीरता को नही समझते। यह शब्द ही सारगर्भित है, मौलिक है। जिसका अर्थ बड़ा ही विस्तृत है, व्यापक है और आचरण से जुड़ा हुआ है। जिसकी महिमा बड़ी ही दायित्वपूर्ण है। जो लोग इसे हल्के में लेते हैं, तो लगता है उनका अध्ययन सतही है, ज्ञानी […]

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कोयला खदान घोटाला है आजादी की 65वीं वर्षगांठ पर संप्रग सरकार का राष्ट्र को उपहार

विजेन्द्र सिंह आर्यसीएजी की रिपोर्ट में अब तक का बंपर घोटाला (1.86 लाख करोड़ का) कोयला घोटाला सामने आया है। 2जी स्पैक्ट्रम घोटाला (1.76 लाख) से भी बड़ा यह घोटाला संप्रग सरकार का आजादी की 65वीं वर्षगांठ पर राष्ट्र को उपहार है। इसकी काली छाया में बोलते प्रधानमंत्री के भाषण का सारे देश ने बहिष्कार […]

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मिशन मंगल मानव की महान सफलता

हमेशा याद रखो, मनुष्य की जैसी मति होती है, गति वैसी ही होती है। कोई अपने आपको निर्बल और हीन समझता है तो वह आजीवन इसी अवस्था में पड़ा रहता है। प्रकृति की दिव्य शक्तियां उसका साथ छोड़ देती हैं। इस संदर्भ में कवि कितना सुंदर कहता है :-खुद यकीन होता नही, जिनको अपनी मंजिल […]

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