दिल्ली यूनिवर्सिटी में ऐडमिशन प्रक्रिया शुरू, ये हैं 10 काम की बातें...

  • 2016-06-01 07:05:26.0
  • अमन आर्य

[caption id="attachment_28727" align="aligncenter" width="760"]Du admission 2016-17 Du admission 2016-17[/caption]

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी की 60 हजार सीट्स के लिए 1 जून से ऐडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार दोपहर से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में ऐसा पहली बार हो रहा है जब यूनिवर्सिटी अपना पूरा ऐडमिशन पैटर्न ऑनलाइन संचालित कर रही है।
आपकी मदद के लिए ऐडमिशन से जुड़ी ये हैं 10 काम की बातें...

-यूनिवर्सिटी की जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 जून की दोपहर से शुरू होकर 19 जून तक चलेगी। यूनिवर्सिटी की पहली कट ऑफ लिस्ट 27 जून को जारी होगी।

-पूर्व में जहां यूनिवर्सिटी अलग अलग कट ऑफ जारी करती थी... इस बार सिर्फ 5 कट ऑफ लिस्ट ही जारी की जाएंगी।

-यूनिवर्सिटी की दूसरी कट ऑफ लिस्ट 1 जुलाई को जारी होगी। तीसरी 7 जुलाई को और अगली दो 12 जुलाई और 16 जुलाई को।




-नामांकन के लिए छात्रों के पास कट ऑफ के पब्लिकेशन के बाद तीन दिन का वक्त होगा। डीयू के डीन ऑफ स्टूडेंट वेल्फेयर जेएम खुराना ने बताया कि ऐडमिशन के बाद बाकी बची सीटों को पांचवी सूची में सम्मिलित किया जाएगा। इसे अलग अलग कॉलेज जारी करेंगे।

-केंद्रीयकृत ओएमआर फॉर्म्स दिल्ली यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। वेबसाइट का अड्रेस है www.du.ac.in – आज से ही स्टूडेंट्स इन फॉर्म्स के लिए इंटरनेट बैंकिंग से भुगतान कर सकेंगे।

-ऐडमिशन फॉर्म के लिए जनरल कैटिगरी के छात्र को 100 रुपए, एससी और एसटी वर्ग के छात्र को 50 रुपए की फीस देनी होगी।

-यूनिवर्सिटी के ऐडमिशन पोर्टल पर खुद को रजिस्ट्रेशन कराने के बाद स्टूडेंट्स को वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए डॉक्युमेंट की सेल्फ अटैच्ड और स्कैन्ड कॉपियां अपलोड करनी होगी।

-कट आफ सूची जारी होने के बाद, स्टूडेंट्स को रजिस्टर्ड अकाउंट पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद वह देख सकेंगे कि किस कोर्स और कॉलेज में आवेदन करने के वह योग्य हैं। अपना चुनाव करने के बाद उन्हें ऐडमिशन फॉर्म का प्रिंट आउट निकालना होगा।

-ऐप्लिकेशन फॉर्म के साथ स्टूडेंट्स को कॉलेज को रिपोर्ट करना होगा। छात्रों को ऑरिजिनल डॉक्युमेंट भी कॉलेज लेकर जाना होगा जिन्हें ऐडमिशन कमिटी वेरिफाई करेगी। फीस भी ऑनलाइन जमा की जा सकेगी।

-ऐसे छात्र जो पहली कट ऑफ के बाद ही ऐडमिशन लेंगे वह दूसरी कट ऑफ के बाद किसी और कॉलेज में अपनी सीट सुरक्षित नहीं कर सकेंगे। किसी और कॉलेज में ऐडमिशन के लिए उन्हें पहला ऐडमिशन रद्द कराना होगा। पिछले साल 2.85 लाख छात्रों ने देश की इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में ऐडमिशन के लिए आवेदन किया था।