वेद, महर्षि दयानंद और भारतीय संविधन-18

राजनीति

धर्मनिष्ठ राजनीति और स्वामी दयानंद

गतांक से आगे… ग्राम पँचायतों का संगठन: हमारे संविधान का अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों की व्यवस्था करता है। महर्षि दयानन्द देश में ग्राम पंचायतों के समर्थक थे। उन्होंने महर्षि मनु द्वारा प्रतिपादित ग्राम प्रशासन व्यवस्था को उचित माना, और तत्सम्बन्धी श्लोकों को उद्धृत करते हुए कहा ‘एक’-एक ग्राम में एक प्रधान पुरूष को रखें। उन्ही देश ग्रामों के ऊपर दूसरा, उन बीस ग्रामों के ऊपर तीसरा, उन सौ ग्रामों के ऊपर चौथा, और उन्हीं सहस्र ग्रामों के ऊपर पाँचवा पुरूष रक्खे अर्थात् जैसे एक ग्राम में एक पटवारी, उन्हीं दश ग्रामों में एक थाना, दो थानों पर एक बड़ा थाना, पाँच थानों पर एक तहसील, दश तहसीलों पर एक जिला नियत किया गया है। महर्षि का चिन्तन स्थानीय शासन के विषय में ऐसा था। इसे न्यूनाधिक रूप में हमारे संविधान में अपनाया गया है। महर्षि इस व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए आगे व्यवस्था देते हैं कि एक-एक ग्रामों का पति ग्रामों में नित्यप्रति जो जो दोष उत्पन्न हों, उन उनको गुप्तता से देश ग्राम के पति को विदित कर दें, और वह दश ग्रामाधिपति उसी प्रकार बीस ग्राम के स्वामी को दश ग्रामों का वर्त्तमान नित्यप्रति जना देवे, और बीस ग्रामों का अधिपति बीस ग्रामों के वर्त्तमान को शत ग्रामाधिपति को नित्यप्रति निवेदन करे, वैसे सौ-सो ग्रामों के पति आप सहस्राधिपति अर्थात् हजार ग्रामों के स्वामी को सौ-सौ ग्रामों के वर्त्तमान को प्रतिदिन जनाया करे और बीस बीस ग्राम के पाँच अधिपति सौ सौ ग्राम के अधिपति को और वे सहस्र-सहस्र के दश अधिपति दशसहस्र के अधिपति को और वे दश दश हजार के दश अधिपति लक्ष ग्रामों की राजसभा को प्रतिदिन का वर्त्तमान जनाया करें, और वे सब राजसभा महाराज सभा अर्थात् सार्वभौम चव्रफवर्ती महाराज सभा में सब भूगोल का वर्तमान जनाया करें, और एक एक दश हजार ग्रामों पर दो सभापति वैसे करें, जिनमें एक राजसभा में और दूसरा अध्यक्ष आलस्य छोड़कर सब न्यायाधीशादि राजपुरूषों के कामों को सदा घूमकर देखते रहें।

बड़े-बड़े नगरों में एक-एक विचार करने वाल सभा का सुन्दर उच्च और विशाल जैसा कि चन्द्रमा है, वैसा-एक एक घर बनावें, उसमें बड़े-बड़े विद्यावृद्ध कि जिन्होंने विद्या से सब प्रकार की परीक्षा की हो, वे बैठकर विचार किया करें। जिन नियमों से राजा व प्रजा की उन्नति हो, वैसे वैसे नियम और विद्या प्रकाशित किया करें।’’

(क्रमशः)

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *