रक्षामंत्री की मिसाइलें बन रही हैं मिसाल

प्रमुख समाचार/संपादकीय

रक्षामंत्री एके एन्टनी का कहना है कि सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए है। लोकसभा में भाजपा की सुषमा स्वराज और राकेश सिंह के पूरक प्रश्न के उत्तर में रक्षा मंत्री एके एण्टनी ने कहा कि सेना के लिए गोला बारूद एवं अन्य रक्षा सामग्री की कमी एक दिन की बात नहीं है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। रक्षामंत्री का मानना है कि किसी भी सेना के पास तीन तरह के रक्षा उपकरण होते हेँ, जिसमें से अत्याधुनिक हथियार, समसामयिक हथियार और पुराने पड़ चुके हटाये जाने योग्य हथियार शामिल हैं।
लोकसभा में रक्षामंत्री के इस बयान से उनकी रक्षा तैयारियों के प्रति अपनी जवाव देही की झलक मिलती है। रक्षामंत्री ये भली प्रकार जानते हैं कि कौन सा हथियार अत्याधुनिक है और वह सेना के बेडे में क्यों न शामिल कर लिया जाए? इसके अतिरिक्त कौन सा हथियार समसामयिक है और कौन सा हटाया जाने योग्य है? यह बात सेना की रक्षा तैयारियों के संदर्भ में बड़ी अहम है और किसी भी सेना को आज की वर्तमान चुनौतियों के साथ खड़ा करने के लिए इन तीनों बातों पर ही ध्यान देना होता है। रक्षामंत्री इन तीनों बातों पर ध्यान दे रहे हैं और पूरा राष्टï्र उनकी बात पर यकीन कर रहा है, इससे रक्षामंत्री के प्रति विश्वसनीयता बढती है, परंतु फिर भी हमारे रक्षामंत्री को अपनी कथनी और करनी के साम्य पर ध्यान देना चाहिए। रक्षामंत्री का दायित्व राष्टï्र के लिए सचमुच सबसे बड़ा होता है एंटनी की योग्यता असंदिग्ध है परंतु सरकार की योग्यता असंदिग्ध नहीं है। इसलिए एंटनी रक्षा तैयारियों पर स्पष्टï करते हुए मनमोहन सरकार की जन सामान्य में उठ रही विश्वसनीयता को भी समझें। उनके द्वारा लिये गये निर्णयों और सदकार्यों की छाप लंबे समय तक रहनी चाहिए। क्योंकि देश का ब‘चा ब‘चा भूखा रह सकता है, नंगे बदन रह सकता है पर अपनी रक्षा तैयारियों में कटौती के लिए कोई तैयार नहीं है। हम उन्मादी या जुनूनी नहीं हैं, लेकिन जब बात राष्टï्र रक्षा की हो और देश की एकता और अखंडता को मसलने वाली ताकतें देश के चारों ओर खड़ी हों तो अपने लिए उन्मादी और जुनूनी कहलाने में भी कोई संकोच नहंी होना चाहिए। देश रक्षामंत्री को दाद दे रहा है, उन्होंने कई नई चीजें और नयी मिसाइलें देश की सेना को दी हैं। ये मिसाइलें उनकी मिसालें बन रही हैं। भारत ने मिसाइल रक्षा कवच विकसित कर सचमुच एक मील का पत्थर गाड़ा है। यहां से हमें भारत का राजपथ स्पष्टï नजर आ रहा है।

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