बच्चों की कविता : हमारे आदर्श दादाजी

प्रमुख समाचार/संपादकीय

दादाजी की महिमा न्यारी है
अज्ञानता को दूर करके
ज्ञान की ज्योति जलाई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

दादाजी के चरणों में रहकर
हमने शिक्षा पाई है।
गलत राह पर भटके जब हम
तो दादाजी ने राह दिखाई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

माता-पिता ने जन्म दिया पर
दादाजी ने जीना सिखाया है।
ज्ञान, चरित्र और संस्कार की
हमने शिक्षा पाई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

जब भी करते गलत कार्य हम
तब फटकार भी लगाई है।
सद्मार्ग पर चलें सभी हम
बात सदा दोहराई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

सदा इन सीखों का पालन करूंगा
उनके आदर्शों का मान रखूंगा
यह श्रद्धांजलि हमारी है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

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