गडकरी ने छुए रामदेव के पांव, अन्ना को पीएम पर शक

राजनीति

नई दिल्ली। अन्ना हजारे ने सोमवार को अपने रुख में बड़ा बदलाव करते हुए कहा कि कोल ब्लॉक के आवंटन के कागजों को देखने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री की भूमिका पर शक हो रहा है। अन्ना ने सोनिया के भी आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया। सोनिया गांधी ने सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कहा था कि प्रधानमंत्री पर लग रहे आरोप साजिश का हिस्सा है और हमें इसका मुकाबला करना होगा। दूसरी तरफ, 3 जून को अन्ना हजारे के साथ जंतर-मंतर पर एक दिन के अनशन से कालेधन के खिलाफ नये देशव्यापी अभियान की शुरुआत करने के बाद बाबा रामदेव ने चार जून को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात की। नितिन गडकरी ने बाबा रामदेव का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके पैर छुए। नितिन गडकरी ने बाबा रामदेव से मुलाकात के बाद कहा, ‘रामदेव का आंदोलन राजनीतिक आंदोलन नहीं है, यह देश की अस्मिता का सवाल है और भाजपा पूरी तरह से रामदेव के साथ है। गडकरी ने यह भी कहा कि बाबा का आंदोलन कांग्रेस के भी खिलाफ नहीं है। गडकरी से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव ने कहा, कालेधन के खिलाफ अभियान में मैं सभी राजनीतिक दलों का समर्थन जुटा रहा हूं, मैंने सोनिया गांधी से भी मुलाकात का वक्त मांगा हैं। चार जून से 8 अगस्त तक हम देशभर में राजनेताओं से समर्थन मांगेंगे और 9 अगस्त से व्यापक आंदोलन होगा।’ रामदेव ने यह भी कहा कि उन्होंने लालू, एबी बर्धन, शरद यादव और अन्य पार्टियों के भी तमाम नेताओं से मुलाकात का वक्त मांगा है।

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