कर्मचारियों का अभाव लगा रहा शहर को पलीता

प्रमुख समाचार/संपादकीय

फरीदाबाद। जिले में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर इस बात के गवाह हैं कि शहर में सफाई व्यवस्था पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। कूड़े के ये ढेर बरसात के दिनों में मौसमी बीमारियों के सूचक बन जाते हैं और कई जगह तो ऐसी हैं, जहां कूड़े की बदबू से लोग मुंह पर कपड़ा रखे बिना निकल भी नहीं सकते।
शहर में हर ओर फैली गंदगी के लिए नगर निगम के कर्मचारियों की कमी बड़ी बाधा है। नियमानुसार शहर में साढ़े नौ हजार सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। नगर निगम के पास हैं सरकारी व निजी एजेंसियों के कुल दो हजार चार सौ कर्मचारी। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए निगम प्रशासन ने प्रस्ताव बना कर सरकार के पास भेजा है, लेकिन उस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रस्ताव पास न होने से शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कत आ रही है।
शहर के विकास में बाधक बने कूड़े के इन ढेरों के निबटान के लिए सरकार ने जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूवल मिशन के तहत 76.54 करोड़ रुपये की ठोस कचरा निस्तारण योजना केंद्र सरकार ने मंजूर की थी। इस योजना के क्रियान्वयन में एक के बाद एक अड़चनें आती रहीं। पर दो साल पहले बंधवाड़ी में बनाए गए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया। इस समय शहर से 300 टन कचरा रोजाना वहां जा रहा है। बावजूद इसके, इसमें भी गतिरोध जारी है। इसी योजना के तहत घर-घर से कूड़ा उठा कर निस्तारण के लिए भेजने के लिए नगर निगम ने रैमकी कंपनी को ठेका दे दिया है। मगर कंपनी फिलहाल एनआइटी में ही कूड़ा उठा रही है, लेकिन उसका भी ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। अभी पुराना फरीदाबाद व बल्लभगढ़ जोन इससे अछूता है।

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