सर्वधर्म-समभाव का भ्रम-2

सर्वधर्म-समभाव का भ्रम -1 स्वतंत्रता के पश्चात से भारत में दस अच्छी बातों को 90 बुरी बातों पर विजयी बनाने के लिए प्रोत्साहित करने का बेतुका राग अलापा जा रहा है। इसके लिए ही ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘सर्वधर्म समभाव’ जैसे नारे यहां गढ़े गये हैं। होना तो यह चाहिए था कि इन 90 बुरी बातों को […]

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अब वह अनंत शक्ति मेरे साथ रहेगी

डॉ. साहब समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। उन्होंने भारत की वित्तीय सेवाओं में रहते हुए तो सेवा की ही है साथ ही अब भी सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रियता से भाग लेते हैं और जीवन के अंतिम पड़ाव में भी बड़ी तन्मयता से राष्ट्रसेवा का पुनीत कार्य कर रहे हैं।पिछले दिनों उनकी सहधर्मिणी […]

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वेद, महर्षि दयानंद और भारतीय संविधान-39

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 40 व्यवस्था करता है-‘राज्य ग्राम पंचायतों का संगठन करने के लिए कदम उठाएगा और उनको ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान करेगा जो इन्हें स्वायत्त शासन की इकाईयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों।’पंचायती व्यवस्था प्राचीनकाल में भारत में लोकतंत्र की रीढ़ थीं। इनके राजनीतिक अधिकार तो […]

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कश्मीरी शरणार्थियों में जगाई जनता पार्टी ने आशा की किरण

अपने ही देश में शरणार्थी बनकर त्रासदी झेल रहे कश्मीरी हिन्दुओ में जनता पार्टी ने जगाई आस हिन्दुओ की दुर्दशा और असुरक्षा एवं भय पर पार्टी की सवेदना और समर्थन देने के लिए डॉ.सुब्रहमण्यम स्वामी को पुनून कश्मीर ने प्रकट किया आभार!आज जहा भारत की लगभग सभी पार्टिया सेकुलर के नाम पर वोटो की राजनीति […]

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आखिर नरेन्द्र मोदी से पाकिस्तान डरता क्यों है?

मोदी का भारत का प्रधानमंत्री बनना कांग्रेस से ज्यादा पकिस्तान को भारी पडने वाला है, क्योंकि आतंकवादी देश होने के कारण पाकिस्तान मोदी के सीधे निशाने पर होगा और भारत पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को तार तार कर सकता है। पाकिस्तान मोदी को ब्लैकमेल नहीं कर पायेगा क्योंकि मोदी का कोई स्विस बैंक खाता नहीं है। […]

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बढ़ती जा रही है डॉ. स्वामी की लोकप्रियता

हिन्दुओं और राष्ट्रवादियों के मानस पटल पर छा रहे हैं डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी। ये हिंदुत्व के नायक ऐसे ही नहीं बन गए हैं। भारत के शुद्ध हिंदुत्ववादी और धुर राष्ट्रवादी लोगो को बहुत दिनों से एक ऐसे व्यक्तित्व की तलाश थी जो ज्ञान और कर्म से भी अपनी क्षमता साबित कर सके और भारत को […]

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रामायण से रामलीला तक का यात्रापथ

राकेश कुमार आर्यमर्यादा पुरूषोत्तम राम भारतीय संस्कृति के आदर्श पुरूष हैं। उन्हें उनके जीवन काल से ही भारतीय संस्कृति ने मर्यादा पुरूषोत्तम कहकर सम्मानित और अभिनंदित किया है। हर वर्ष इसलिए भगवान श्रीराम का पावन स्मरण करते हुए भारतवर्ष में रामलीलाओं का आयोजन किया जाता है। विजयदशमी के पर्व पर इस बार भी हमने भगवान […]

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जूते में दम

(१) इसके जूते में दम है, या उसके जूते में दम है।।लोग देखते रह जाएंगे, किसके जूते में दम है।।जूता चमड़े का हो चाहे या हो चांदी का जूता।उसका बाल न बांका होगा, जिसके जूते में दम है।।(2)जूते से बचना इंसानों, अब के जूते में दम है।तूती बोल रही जूते की, सबके जूते में दम […]

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गाय ही क्यों?’ पुस्तक समीक्षा

‘भारत में गोवंश के संरक्षकों में तथा उद्घारकों में लाला हरदेवसहाय जी का नाम अग्रगण्य है। उनके द्वारा लिखित पुस्तक ‘गाय ही क्यों’? बहुत ही तथ्यात्मक तथा विश्लेष्णात्मक शैली में लिखी गयी है। स्वतंत्रता पूर्व लालाजी ने गोवंश रक्षा के लिए जो महत्वपूर्ण योगदान दिया वह अपने आप में अप्रतिम था। इस पुस्तक में उनके […]

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माता के दर पर दरवेश की दरगाह

भारत पाकिस्तान सरहद पर दोनों देशो के मध्य हुए युद्धों का साक्षी रहा जैसलमेर जिले का तनोट मंदिर भारत का संभवतया एकमात्र देवी मंदिर हें जिसके परिसर में फ़क़ीर बाबा की दरगाह बन गई हें। अक्सर देशभर में धार्मिक मान्यताओ के चलते दरगाह या मस्जिद मंदिरों में नहीं बनाई जाती। मूलत: तनौत राय माता मंदिर […]

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